ईटानगर , मार्च 6 -- अरुणाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री पासंग दोरजी सोना ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में 'अरुणाचल प्रदेश शिक्षा विभाग कर्मचारी तबादला और तैनाती (विनियमन एवं प्रबंधन) विधेयक, 2026' पेश किया जिसका मकसद राज्य के शिक्षा विभाग के तहत काम करने वाले सभी कर्मचारियों (शिक्षण और गैर-शिक्षण) के तबादले और तैनाती के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करना है।

विधेयक के उद्देश्यों में बताया गया है कि वर्तमान में शिक्षा विभाग में तबादले और नियुक्तियां मुख्य रूप से सरकारी निर्देशों के आधार पर होती हैं। इसकी वजह से अक्सर नियमों में एकरूपता की कमी रहती है और कर्मचारियों को कई तरह की शिकायतें होती हैं, जिसका बुरा असर शिक्षा के क्षेत्र और प्रशासनिक कामकाज पर पड़ता है।

नए विधेयक में तबादले के लिए समय सीमा के साफ नियम, पारदर्शी मानक और संस्थानों की जरूरतों को ध्यान में रखने का प्रस्ताव है। इसका एक मुख्य लक्ष्य यह भी है कि राज्य के दूरदराज और दुर्गम इलाकों में शिक्षकों और कर्मचारियों की सही तरीके से तैनाती सुनिश्चित की जा सके ताकि हर जगह स्टाफ की बराबर मौजूदगी रहे।

इस कानून में मानवीय आधार पर विचार करने, तबादले की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने और शिकायतों के निपटारे के लिए एक प्रभावी तंत्र बनाने का प्रावधान भी किया गया है।

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