पटना , फरवरी 24 -- बिहार विधानसभा ने मंगलवार को सिविल न्यायालय विधेयक 2026 सहित चार महत्वपूर्ण विधेयको को पारित कर दिया।

बिहार के संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सदन के सदस्यों से बिहार सिविल न्यायालय विधेयक 2026 पारित करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह विधेयक 1887 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान बनाये गए कानून की जगह लेगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शसन काल में लागू यह कानून 'बंगाल आगरा असम सिविल कोर्ट विधेयक 1887' के नाम से जाना जाता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों और बदलते परिदृश्य को देखते हुए आज की आवश्यकताओं के अनुरूप बिहार सरकार ने नया कानून बनाने का निर्णय लिया है।

श्री चौधरी ने आज बिहार तकनीकी सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक 2026 भी सदन में प्रस्तुत किया। उन्होंने सदस्यों से इसे पारित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि तकनीकी सेवा आयोग के दायरे में बिहार सरकार के समूह बी और समूह सी श्रेणी के कर्मचारी ही आते हैं लेकिन इस विधेयक के पारित होने के बाद जिला परिषदों और नगर निगमों के इन श्रेणी के कर्मचारी भी इसके दायरे में आयेंगे ।

संसदीय कार्य मंत्री ने इसके अलावा, वार्ड पार्षदों और जिला परिषद सदस्यों को अधिक अधिकार देने के उदेश्य से बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक 2026 भी सदन में पेश किया गया।

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