लखनऊ , फरवरी 16 -- उत्तर प्रदेश विधानसभा में आरक्षण और आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के विधायक संग्राम यादव द्वारा आउटसोर्सिंग और आरक्षण का मुद्दा उठाए जाने के बाद सरकार की ओर से मंत्री अनिल राजभर ने सपा पर जोरदार हमला बोला।

मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए की बात तो करती है, लेकिन अपने शासनकाल में उसने केवल एक वर्ग को लाभ पहुंचाने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में ओबीसी आरक्षण के तहत लगभग 82 प्रतिशत लाभ एक ही वर्ग को दिया गया, जबकि राजभर, केवट, मल्लाह, चौहान सहित कई जातियों को उनका वाजिब हिस्सा नहीं मिला।

राजभर ने कहा कि सपा बाबा साहब के संविधान की बात करती है, लेकिन उसके कार्यकाल में सामाजिक न्याय की अनदेखी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी सदन चलता है, सपा आरक्षण का मुद्दा उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करती है।

सरकार की ओर से जवाब देते हुए राजभर ने सदन को बताया कि सपा सरकार के दौरान रोजगार मेलों के जरिए कितने युवाओं को रोजगार मिला और 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद अब तक कितने युवाओं को निजी संस्थानों में नौकरी मिली है।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि वर्तमान सरकार मातृशक्ति के लिए अलग से रोजगार मेलों का आयोजन कर रही है, ताकि महिलाओं को अधिक अवसर मिल सकें।

इससे पहले संग्राम यादव ने सरकार पर आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग के नाम पर युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थायी नौकरियों से बचने के लिए सरकार आउटसोर्सिंग का सहारा ले रही है और 12 से 15 हजार रुपये के वेतन पर युवाओं का शोषण किया जा रहा है।

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