नयी दिल्ली , मार्च 19 -- चुनाव आयोग ने गुरुवार को आगामी विधानसभा चुनावों को अधिक समावेशी बनाने के लिए बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, सेवा मतदाताओं और चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान की सुविधा देने की घोषणा की।

आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुड्डुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभा चुनावों के साथ ही छह राज्यों में उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। इसके लिए 16 मार्च को असम, केरल और पुड्डुचेरी के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है।

चुनाव आयोग के अनुसार, 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता और दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) मतदाता फॉर्म 12डी भरकर डाक मतपत्र के जरिए वोट डाल सकेंगे। इसके लिए उन्हें अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। मतदान दल इन मतदाताओं के घर जाकर उनका मत प्राप्त करेंगे।

इसके अलावा, मतदान के दिन आवश्यक सेवाओं, जैसे स्वास्थ्य, अग्निशमन, बिजली, परिवहन, एम्बुलेंस और विमानन से जुड़े कर्मचारी भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। चुनाव कवरेज में लगे अधिकृत मीडिया कर्मियों को भी डाक मतपत्र के जरिए मतदान की अनुमति दी गयी है।

चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए सुविधा केंद्रों पर मतदान की व्यवस्था की जाएगी, जहां वे गोपनीय तरीके से अपना मत दर्ज कर सकेंगे। सेवा मतदाताओं को उनका डाक मतपत्र इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ईटीपीबीएस) के माध्यम से भेजा जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है किडाक मतपत्र से डाले गये सभी वोट चार मई 2026 को सुबह आठ बजे तक संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों के पास पहुंच जाने चाहिए।

आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को इन प्रावधानों की जानकारी सुनिश्चित करें।

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