नयी दिल्ली , जनवरी 13 -- दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि सदन में गुरुओं के अपमान की घटना पर जिस प्रकार तूल दी जा रही है उससे इसके पीछे राजनीति षडयंत्र प्रतीत होता है।
श्री गुप्ता ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली विधानसभा के सदन में छह जनवरी को नेता विपक्ष आतिशी की ओर से जिस प्रकार के अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया औऱ उसके बाद सदन में जिस प्रकार की स्थिति उत्पन्न हुयी उसको लेकर वीडियो की जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि नौ जनवरी को पंजाब पुलिस ने नाटकीय ढंग से जिस प्रकार प्राथमिकी दर्ज जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। सदन उस मामले में किसी निर्णय पर पहुंच सके, विशेषाधिकार समिति को निर्णय कर सके उससे पहले ही पंजाब पुलिस ने राजनीतिक दवाब में हस्तक्षेप कर भ्रम फैलाने की कोशिश की। इस संबंध में दिल्ली विधानसभा से पंजाब पुलिस के डीजीपी, स्पेशल सेल डीजीपी और जालंधर पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया गया। इस मामले पर जवाब देने के लिए दस दिनों का समय मांगा गया। समय मांगने के पीछे गंभीर सवाले खड़े होते है।
उन्होंने कहा, "जवाब देने के लिए 10 दिन मांगना अनुपयुक्त लगता है। यह जानबूझकर देरी करने के लिए समय मांगा जा रहा है इसलिए हमने तीन दिनों का समय दिया है। दिल्ली विधानसभा ने 15 जनवरी तक रिपोर्ट देने के लिए कहा है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।"अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकार के संवेदनशील मामले में जिस प्रकार की प्रतिक्रियायें सामने आ रही है औऱ लगातार इस मामले पर जो कुछ घटित हो रहा है उसमें राजनीतिक हस्तेक्षेप ही नहीं बल्कि राजनीतिक लोग इसको चला रहे है। यह बहुत ही गंभीर विषय है। सदन की मर्यादा से खिलवाड़ करने में राजनीतिक दल विशेष रूप से वह दल जो दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की भूमिका में हैं, वह इस पर षडयंत्र कर रहे हैं। इसे बर्दास्त नहीं किया जा सकता है। फारेंसिक लैब से जांच कराने का अधिकार दिल्ली विधानसभा का था उसको पंजाब की सरकार किस आधार पर जांच कर सकती है। उन्होंने कहा कि वीडियो दिल्ली विधानसभा की संपत्ति है वह विधानसभा के पास है तो किस वीडियो की जांच करायी गयी।
उन्होंने कहा कि अगर पंजाब सरकार को कोई जांच करनी थी तो उन्हें विधिवत दिल्ली विधानसभा से संपर्क करना चाहिए था। दिल्ली विधानसभा पूरे मामले में कोई कोताही नहीं बरतेगे और दूध का दूध पानी का पानी होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित