पटना , जून 25 -- बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार ने सदन की समितियों की कार्य-प्रणाली में सुधार लाने के लिए समिति के सहयोगार्थ प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों/कर्मचारियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किये हैं।
इसके अनुसार राज्य के अन्दर या बाहर स्थल अध्ययन यात्रा पर जाने वाली सभी समितियों के सहयोगार्थ प्रतिनियुक्त पदाधिकारी / कर्मचारी को यात्रा के दौरान ही प्रतिदिन प्रतिवेदन तैयार कर यात्रा समाप्ति के चार दिनों के भीतर अध्यक्ष के अवलोकनार्थ उपस्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य के बाहर अध्ययन यात्रा पर जाने वाली समिति के सहयोगार्थ प्रतिनियुक्त पदाधिकारीगण / कर्मचारीगण को निदेश दिए गए हैं कि वह राज्यों के भ्रमण के दौरान वहां की विधान सभा की नियमावली एवं बिहार विधान सभा प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली की भिन्नताओं को बिंदुवार अंकित कर प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत करेंगे। साथ ही, भ्रमण के दौरान उस राज्य की विधान सभा से संबंधित विभिन्न आंकड़े यथा- सदस्यों की संख्या, समितियों एवं उनके सदस्यों की संख्या, शून्यकाल, काल, याचिका, निवेदन, ध्यानाकर्षण, गैर सरकारी संकल्प, प्रश्न आदि प्राप्त करने के तौर-तरीकों एवं उनके विवेचना के शैली के बारे में भी प्रतिवेदन तैयार कर विधानसभा अध्यक्ष के अवलोकनार्थ उपस्थापित करेंगे।
अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि इन प्रक्रियात्मक सुधारों को अपनाने से समितियों की उपादेयता में इजाफा होगा।
वर्तमान में बिहार विधान सभा की लोक लेखा समिति, प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति, याचिका समिति एवं राजकीय आश्वासन समिति राज्य के अंदर स्थल अध्ययन दौरा कर रही है। वहीं पर्यटन उद्योग समिति एवं अल्पसंख्यक कल्याण समिति राज्य से बाहर स्थल अध्ययन दौरे पर है।
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