मुंबई , जुलाई 31 -- महाराष्ट्र में घाटकोपर के पंत नगर स्थित एक विद्यालय में विद्यार्थियों को परोसे गये मध्याह्न भोजन में कथित तौर पर कांच के टुकड़े मिले हैं।

हाल ही में हुई इस घटना ने अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना से सरकार द्वारा प्रायोजित पोषण योजना के तहत दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं।

घटना के बाद संबंधित अधिकारियों के पास एक शिकायत दर्ज करायी गयी। उन्होंने यह पता लगाने के लिये मामले की जांच शुरू कर दी है कि भोजन में यह मिलावट कैसे हुई।

शिवसेना (यूबीटी) की नेता और मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों के जीवन को जोखिम में नहीं डाला जा सकता। उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे से फोन पर बात की और उनसे तत्काल इस मामले की जांच करने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिये।

मध्याह्न भोजन का उद्देश्य स्कूली बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। पंत नगर के इस विद्यालय में मध्याह्न भोजन में कांच के टुकड़े मिलने की घटना से इस योजना के क्रियान्वयन में खामियां एक बार फिर उजागर हो गयी है। इससे पहले भी महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से खराब गुणवत्ता वाले भोजन और अन्य दूषित पदार्थों से जुड़ी इस तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस वजह से पूरी खाद्य आपूर्ति श्रृंखला की सख्त निगरानी की मांग उठ रही है।

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने हाल ही में पूरे महाराष्ट्र में स्कूल कैंटीनों, भोजनालयों और मिड-डे मील की आपूर्ति करने वाले केंद्रों के विशेष निरीक्षण के निर्देश दिये थे। इसमें विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली किसी भी लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गयी थी।

घाटकोपर की घटना के मद्देनजर, अधिकारियों द्वारा भोजन आपूर्तिकर्ता, ठेकेदार और भोजन वितरण प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों की जांच किये जाने की उम्मीद है।

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