मैसूरु , मई 14 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने गुरुवार को कहा कि धार्मिक प्रतीकों पर राज्य सरकार के संशोधित आदेश के तहत शैक्षणिक संस्थानों में भगवा शॉल की अनुमति नहीं होगी लेकिन हिजाब, पगड़ी, रुद्राक्ष की माला, पवित्र धागे (जनेऊ) और शिवधारा जैसी मौजूदा धार्मिक प्रथाओं को जारी रखने की अनुमति होगी।
श्री सिद्दारमैया ने यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि केवल उन्हीं धार्मिक प्रतीकों और प्रथाओं की अनुमति होगी जो पहले से ही चलन में हैं, और कक्षा 12 तक के स्कूलों और कॉलेजों में कोई भी नयी प्रथा शुरू नहीं की जा सकती है।
उन्होंने यह बात ऐसे समय में कही है, जब कर्नाटक सरकार ने हाल ही में अपना 2022 का आदेश वापस ले लिया और नए दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों में सीमित पारंपरिक और आस्था-आधारित प्रतीकों की अनुमति दी गयी है, जिससे हिजाब विवाद से जुड़े पहले के प्रतिबंध को पलट दिया गया है।
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