पटना , अक्टूबर 08 -- ात्र-छात्राओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के लिए शुरू किए गए विद्यार्थी सहयोग शिविर में अबतक प्राप्त कुल 3101 आवेदनों में 2599 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है,जबकि जांच के दौरान त्रुटि मिलने के कारण 185 आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया गया है, वहीं 317 मामले पेंडिंग है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत 'सबका सम्मान, जीवन आसान' अभियान के अंतर्गत विद्यार्थी सहयोग शिविर शुरू किया है, ताकि विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में पढ़ने और छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान किया जा सके। इसके लिए हर माह के चौथे मंगलवार को यह शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे कि विद्यार्थी अपनी समास्याओं का समाधान कराने के लिए आवेदन दे सकें। यह छात्रों की समस्याओं, शिकायतों और सुझावों के प्रभावी और समयबद्ध समाधान के लिए शुरू की गई एक विशेष सरकारी पहल है।
राज्य सरकार ने छात्रों की शिकायतें और सुझाव को दर्ज कराने के लिए 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' शुरू किया है। वहीं छात्रों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करने के साथ ही सीधा संवाद स्थापित करने के लिए हर माह के चौथे मंगलवार को शिविर आयोजित करने का दिन निर्धारित किया है, ताकि शिविर के दौरान विद्यार्थी उपस्थित होकर अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें और सुझाव दर्ज करा सकें। यह शिविर सीधे राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों (कॉलेज/यूनिवर्सिटी कैंपस) में आयोजित किया जाएगा, जिससे छात्रों को सरकारी दफ्तरों के बेवजह चक्कर न लगाने पड़ें।
विद्यार्थी सहयोग शिविर के तहत छात्र अपनी शिकायतों को सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे। सरकार ने इस योजना को इसलिए शुरू किया है,, जिससे छात्रों की समस्याओं, शिकायतों और सुझावों को समय रहते समाधान किया जा सके। इसके तहत एजुकेशन सिस्टम, एग्जाम, हॉस्टल, पीने का पानी, कैंटीन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें सुनी जाएंगी। साथ ही, छात्रों के इनोवेशन को स्टार्टअप से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।
राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों- विशेषकर इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान और अंबेडकर छात्रावासों में पढ़ रहे सभी छात्र-छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने सख्त निर्देश दिया है कि शिविर या पोर्टल पर आने वाली किसी भी शिकायत का समाधान अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
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