अमृतसर , अगस्त 11 -- श्री अकाल तख्त साहिब की अमेरिका स्थित आधिकारिक कमेटी के समन्वयक एवं सदस्य स्विंदर सिंह ने मंगलवार को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से मुलाकात की।
इस दौरान अमेरिका में रह रहे सिखों तथा वहां के गुरुद्वारा साहिबों से जुड़े श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय के समक्ष लंबित विभिन्न मामलों और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में चीन तथा अन्य विदेशी देशों में कुछ व्यक्तियों द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों की कथित रूप से अनधिकृत छपाई और उन्हें सिख श्रद्धालुओं को बेचने, विदेशों में रह रहे सिखों को पवित्र स्वरूप उपलब्ध कराने की व्यवस्था, गुरुद्वारा प्रबंध में सिख रहित मर्यादा के उल्लंघन एवं लापरवाही, सिखों के बीच अनावश्यक विवाद तथा एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें करने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब को गलत एवं भ्रामक जानकारी दिए जाने जैसे मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया गया।
बैठक में वर्तमान समय में पंथक एकता की आवश्यकता को देखते हुए सिख संगत को श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति केंद्रित और समर्पित रखने पर भी जोर दिया गया।
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि पूर्व में भी कुछ व्यक्तियों ने चीन तथा अन्य विदेशी देशों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों की अनधिकृत छपाई करवाने का प्रयास किया था, जिसके खिलाफ श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से सख्त कार्रवाई की गयी थी। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका और ब्रिटेन में भी कुछ समूहों द्वारा ऐसी गतिविधियों में शामिल होने की सूचनाएं मिल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले को श्री अकाल तख्त साहिब गंभीरता से लेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों को स्वतंत्र रूप से प्रकाशित या मुद्रित करने का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अलावा किसी व्यक्ति या संस्था को नहीं है। विदेशों में पवित्र स्वरूपों की अनधिकृत छपाई से संबंधित प्राप्त सभी सूचनाओं की गहन जांच की जाएगी और इसके बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि विदेशों में गुरुद्वारा साहिबों के प्रबंधन में श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पित अमृतधारी गुरसिखों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा प्रबंध में अनुभवी बुजुर्गों और युवाओं का उचित संतुलन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेशों से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां गुरुद्वारा प्रबंध समितियों में नियमित रूप से गुरसिखों का प्रतिनिधित्व नहीं है और सिख रहित मर्यादा का उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे संगत की भावनाएं आहत होती हैं। गुरमत सिद्धांतों के अनुसार गुरुद्वारा किसी की निजी संपत्ति नहीं हो सकता और उसका प्रबंधन सामूहिक रूप से सिख संगत द्वारा किया जाना चाहिए।
जत्थेदार ने विदेशों में सिख संगत से अपील की कि गुरुद्वारा साहिबों का संचालन सिख सिद्धांतों, आपसी प्रेम और सम्मान की भावना से किया जाये तथा विवादों और अनावश्यक टकराव को प्रबंधन पर हावी न होने दिया जाये। उन्होंने विदेशों में गुरुद्वारा प्रबंध समितियों को निर्देश दिया कि प्रबंधन से संबंधित किसी मुद्दे को उठाने वाले सिख के खिलाफ दंडात्मक या प्रतिबंधात्मक कार्रवाई न की जाये। उन्होंने कहा कि ऐसा करना सिख सिद्धांतों और श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों के विरुद्ध होगा। विवादों का समाधान संबंधित सिखों के साथ बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए और समाधान नहीं होने पर मामला श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष रखा जाये।
उन्होंने कहा कि भविष्य में गुरुद्वारा प्रबंध समितियों को सिख रहित मर्यादा के अनुसार काम करने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से सख्त निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब को गलत जानकारी भेजने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञानी गड़गज्ज ने बताया कि वह आने वाले समय में अमेरिका का दौरा करेंगे और वहां की सिख संगत के साथ विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। इस अवसर पर जत्थेदार ने स्विंदर सिंह द्वारा की जा रही सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें सिरोपा देकर सम्मानित किया।
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