रायबरेली , अक्टूबर 09 -- उत्तर प्रदेश के रायबरेली के सलोन थाना क्षेत्र में उज्बेकिस्तान की एक विदेशी महिला को अवैध रूप से भारत में ठहराने और उसके भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार कराने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महिला का ई-टूरिस्ट वीजा 23 अक्टूबर 2025 को समाप्त हो गया था, इसके बावजूद वह भारत में रह रही थी। मामले में पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों से आज शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार, उज्बेकिस्तान की मदिना खों के भारत में वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी रहने के मामले में सलोन थाने में पांच अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान प्रकाश में आए प्रतापगढ़ जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के गंगागंज निवासी राशिद उर्फ समीर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में राशिद ने बताया कि मदिना खों दिल्ली में नौकरी की तलाश में आई थी। उसने महिला की मदद करने के नाम पर उसके भारतीय निवास संबंधी दस्तावेज तैयार कराए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर महिला का आधार कार्ड, पैन कार्ड और एटीएम कार्ड बनवाया गया। आरोपी ने महिला से इन दस्तावेजों का इस्तेमाल आजीविका चलाने और धन अर्जित करने के लिए कराया। इसके बदले उसे भी कुछ धनराशि दी जाती थी।

पुलिस के अनुसार, महिला का पासपोर्ट और वीजा काफी समय पहले समाप्त हो चुका था। उसे निर्वासित किए जाने की कार्रवाई से बचाने के उद्देश्य से आरोपी उसे अपने साथ घर ले आया था। महिला की गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के इरादे से अपने पास मौजूद सैमसंग मोबाइल फोन से उसकी चैट, तस्वीरें और अन्य संबंधित दस्तावेज भी मिटा दिए।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अदद डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सैमसंग मोबाइल फोन और पासपोर्ट व वीजा की तीन छायाप्रतियां बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। मामले में आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।

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