चंडीगढ़ , अगस्त 19 -- हरियाणा को वैश्विक स्तर पर जोड़ने के लिए 'गो ग्लोबल' दृष्टिकोण के तहत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को संत कबीर कुटीर में 14 देशों के अंतरराष्ट्रीय छात्रों से संवाद किया।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने अपने शैक्षणिक और शोध अनुभव साझा किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीकों के दौर में युवाओं को लगातार सीखते रहना और बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाकर चलना होगा।
श्री सैनी ने कहा कि हरियाणा में शिक्षा हासिल करने वाले विदेशी विद्यार्थी अपने देशों में लौटकर राज्य के 'ब्रांड एंबेसडर' बन सकते हैं। वे यहां की शिक्षा, संस्कृति और लोगों के साथ अपने अनुभव साझा कर हरियाणा की सकारात्मक छवि दुनिया तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल सरकार-से-सरकार नहीं, बल्कि दिल से दिल के संबंधों को मजबूत करने में विश्वास रखती है।
कार्यक्रम में अफगानिस्तान की एक छात्रा ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से पूरी की गयी पीएचडी और प्रदेश में बिताये सात वर्षों के अनुभव हिंदी में साझा किये। अन्य विद्यार्थियों ने भी हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था संस्कृति और शोध वातावरण की सराहना की।
विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार ने बताया कि हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए जल्द ही ब्रिटेन के एक विश्वविद्यालय में अध्ययन का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक सहयोग और एमओयू बढ़ाने के निर्देश दिये।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित