कोच्चि , मई 20 -- सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन प्रमुख कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन दर्ज करते हुए समेकित शुद्ध लाभ (पीएटी) में 93.78 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है। कंपनी ने यह वृद्धि घरेलू ऊर्जा मांग में मजबूती और परिचालन दक्षता में सुधार के बल पर दर्ज की। फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनी और महारत्न पीएसयू बीपीसीएल का समेकित शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 25,843 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 13,337 करोड़ रुपये था। कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ भी 75.54 प्रतिशत बढ़कर 23,303 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष 13,275 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, आपूर्ति से जुड़ी बदलती परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अनिश्चितताओं के बावजूद यह प्रदर्शन दर्ज किया गया। बीपीसीएल ने अपने रिफाइनिंग और मार्केटिंग कारोबार में परिचालन स्थिरता बनाये रखते हुए देशभर में निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित की।

कंपनी ने वित्त वर्ष के दौरान अब तक का सर्वाधिक रिफाइनरी थ्रूपुट और कुल बिक्री भी दर्ज की। रिफाइनरी थ्रूपुट 41.15 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) रहा तथा क्षमता उपयोग 117 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 40.51 एमएमटी था। कंपनी की कुल बिक्री बढ़कर रिकॉर्ड 55.72 एमएमटी हो गयी।

घरेलू बाजार बिक्री 3.40 प्रतिशत बढ़कर 54.18 एमएमटी हो गयी, जो पिछले वित्त वर्ष में 52.40 एमएमटी थी। यह देश में ईंधन मांग में निरंतर वृद्धि को दर्शाता है।

बीपीसीएल का स्टैंडअलोन इबिटडा 51.51 प्रतिशत बढ़कर 40,582 करोड़ रुपये हो गया, जबकि समेकित ईबीआईटीडीए 57.08 प्रतिशत बढ़कर 45,601 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। समेकित परिचालन राजस्व 4.46 प्रतिशत बढ़कर 5,22,820 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष में 5,00,517 करोड़ रुपये था। स्टैंडअलोन परिचालन राजस्व 5,22,668 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 28.07 प्रतिशत बढ़कर 5,625 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 4,392 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान समेकित परिचालन राजस्व 6.33 प्रतिशत बढ़कर 1,34,948 करोड़ रुपये रहा।

चौथी तिमाही के दौरान कंपनी ने 10.40 एमएमटी रिफाइनरी थ्रूपुट हासिल किया तथा क्षमता उपयोग 118 प्रतिशत रहा। घरेलू बाजार बिक्री 13.86 एमएमटी रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 3.28 प्रतिशत अधिक है।

बीपीसीएल ने वर्ष के दौरान वित्तीय अनुशासन और पूंजी प्रबंधन में सुधार का भी उल्लेख किया। कंपनी का स्टैंडअलोन ऋण-इक्विटी अनुपात 31 मार्च 2025 को 0.29 से घटकर 31 मार्च 2026 को 0.11 पर आ गया।

कंपनी ने कहा कि वह रिफाइनिंग एवं मार्केटिंग अवसंरचना, पाइपलाइन कनेक्टिविटी, सिटी गैस वितरण और उभरते ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश के जरिए अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति को आगे बढ़ा रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित