कोच्चि , जून 22 -- एसोसिएशन ऑफ़ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (एएमएमए ) में एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। संगठन की सालाना आम बैठक में तीखी बहस के बाद इसकी पूरी कार्यकारिणी समिति ने इस्तीफ़ा दे दिया है।
यह घटनाक्रम तब हुआ जब सदस्यों ने कार्यकारिणी समिति की वित्तीय रिपोर्ट पर कड़ा ऐतराज़ जताया। इससे ज़बरदस्त बहस हुई और आखिरकार नेतृत्व को पद छोड़ना पड़ा।
महासचिव कुकू परमेश्वरन की ओर से रविवार को पेश किए गए सालाना हिसाब-किताब का कई सदस्यों ने कड़ा विरोध किया। सदस्यों का आरोप था कि वित्तीय विवरण में पारदर्शिता की कमी है और उनमें ऐसी गड़बड़ियाँ हैं जिनकी और जाँच-पड़ताल की ज़रूरत है। सिद्दीक, बाबूराज और इडावेला बाबू जैसे सीनियर एक्टर्स ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए और इसे मंज़ूरी देने का विरोध किया, जिसके चलते बैठक में लंबी बहस हुई।
अभिनेता -निदेशक रंजीत पनिकर ने कहा कि अगर वित्तीय रिपोर्ट की सटीकता पर गंभीर संदेह हो, तो एसोसिएशन उसे मंज़ूरी नहीं दे सकती। एएमएमए की प्रेसिडेंट श्वेता मेनन ने मंज़ूरी लेने से पहले अकाउंट्स की पूरी समीक्षा करने के लिए 45 दिन का समय मांगा।
हालांकि, कई सदस्यों ने ज़ोर देकर कहा कि जब तक जनरल बॉडी फाइनेंशियल स्टेटमेंट को मंज़ूरी नहीं देती, तब तक एग्जीक्यूटिव कमेटी को काम जारी रखने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। गतिरोध बढ़ने पर, 17 सदस्यों वाली पूरी एग्जीक्यूटिव कमेटी ने इस्तीफ़ा देने की घोषणा कर दी।
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