मुरैना , जून 04 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में जनपद पंचायत जौरा की ग्राम पंचायत सिंघौरा के प्रभारी सचिव ललित कुशवाह को मनरेगा कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंघौरा में निर्माण कार्य कराए बिना सामग्री मद में अग्रिम राशि आहरित किए जाने संबंधी शिकायत की जांच में अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में मनरेगा एमआईएस पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के परीक्षण के दौरान पाया गया कि ग्राम पंचायत के 75 प्रगतिरत कार्यों में से 29 कार्य ऐसे हैं, जिनमें 15 कार्यों पर मजदूरी व्यय शून्य दर्शाया गया है, जबकि सामग्री मद में 73 लाख 76 हजार 766 रुपये के देयक दर्ज किए गए हैं। इसी प्रकार 14 अन्य कार्यों में मजदूरी व्यय एक से आठ प्रतिशत तक पाया गया, जबकि सामग्री मद में 67 लाख 30 हजार 892 रुपये के भुगतान संबंधी देयक दर्ज किए गए।
जांच के अनुसार इन 29 कार्यों की कुल स्वीकृत राशि 410.11 लाख रुपये थी, जिसके विरुद्ध मजदूरी मद में मात्र 3.51 लाख रुपये व्यय किए गए, जबकि सामग्री मद में 141.06 लाख रुपये के भुगतान हेतु देयक पोर्टल पर दर्ज किए गए थे। जांच दल ने इसे मनरेगा के प्रावधानों के विपरीत और वित्तीय अनियमितता की श्रेणी का मामला माना।
प्रकरण में प्रभारी सचिव ललित कुशवाह को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। उनके जवाब का परीक्षण करने पर जांच दल ने उसे असंतोषजनक पाया। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जिला पंचायत मुरैना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव ने मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (आचरण एवं वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियमों के तहत ललित कुशवाह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
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