तिरुवनंतपुरम , मई 29 -- केरल में विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह ने परिचालन शुरू होने के मात्र 18 महीनों के भीतर 20 लाख ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स (टीईयू) कार्गो का संचालन कर महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लिया है। इसके साथ ही यह उपलब्धि हासिल करने वाला देश का सबसे तेज बंदरगाह बन गया है।

केरल सरकार के लिए अडानी बंदरगाह और विशेष आर्थिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) द्वारा विकसित और संचालित इस बंदरगाह ने 2024 में अपना वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया और मई 2025 में इसे राष्ट्र को समर्पित किया गया। विझिंजम ने इससे पहले अगस्त 2025 में 10 लाख टीईयू का आंकड़ा पार कर लिया था।

जारी एक मीडिया नोट के अनुसार यह उपलब्धि विझिंजम के एक विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी गहरे पानी वाले ट्रांसशिपमेंट केंद्र के रूप में उभरने को रेखांकित करती है और बंदरगाह के बुनियादी ढांचे, परिचालन दक्षता और रणनीतिक स्थान पर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइनों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।

बंदरगाह ने परिचालन शुरू होने के बाद से 950 से अधिक जहाजों का संचालन किया है, जिसमें 67 अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स (यूएलसीवी) शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक की लंबाई लगभग 400 मीटर है।

विझिंजम पर लंगर डालने वाले प्रमुख जहाजों में एमएससी इरिना शामिल है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा कंटेनर जहाज माना जाता है और एमएससी वेरोना, जो किसी भारतीय बंदरगाह पर आने वाले सबसे गहरे-ड्राफ्ट वाले कंटेनर जहाजों में से एक है।

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