जयपुर , मई 11 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विज्ञान, तकनीक और नवाचार को विकास का वास्तविक माध्यम बताते हुए युवाओं का आह्वान किया है कि वे नवाचारों के जरिए राजस्थान को तकनीक में ग्लोबल लीडर बनाएं एवं भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करें।

श्री शर्मा सोमवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिसके मन में जिज्ञासा है, वही व्यक्ति मुश्किलों को पार कर अपने उद्देश्य को प्राप्त करता है। युवा माय भारत, आईस्टार्ट और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का लाभ उठाएं और सेवा का मिशन लेकर साथ चलें। युवा संकोच छोड़कर अपने सपनों को उड़ान दें, राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में स्टार्टअप्स, कौशल विकास, अनुसंधान और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से मजबूत तंत्र तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 11 मई का दिन इतिहास में केवल एक तारीख नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। वर्ष 1998 में इसी दिन पोकरण में परमाणु परीक्षण कर भारत ने विश्व को यह संदेश दिया था कि हम विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी क्षमता में किसी से कम नहीं है। इस उपलब्धि में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का अद्भुत साहस, दूरदृष्टि और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का वैज्ञानिक योगदान अतुलनीय रहा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान का नारा देते हुए कहा था कि 21वीं सदी का भारत तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक का निर्माता और निर्यातक बनेगा। कोरोना काल के दौरान भी वैज्ञानिकों एवं अनुसंधान की ताकत से ही पूरी दुनिया को वैक्सीन देकर विश्व में भारत का डंका बजाया वहीं आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में मिशन चंद्रयान, मेक इन इंडिया के तहत तेजस लड़ाकू विमान, अर्जुन टैंक, प्रचंड हेलिकॉप्टर बनाने के साथ ही आज देश एआई के क्षेत्र में सफल प्रयोग कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में विज्ञान, तकनीक और नवाचार ही विकास का वास्तविक माध्यम है और राजस्थान अपनी युवा शक्ति के जरिए उद्यमिता एवं तकनीकी प्रगति में नई पहचान बना रहा है। इसी क्रम में हर व्यक्ति तक विज्ञान और तकनीक का लाभ पहुंचाने के लिए केंद्रीयकृत राज्य स्तरीय ड्रोन सेल स्थापित करने की पहल की जा रही है। जिससे एआई और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से आपदा प्रबंधन, कृषि, शहरी नियोजन और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा एआई-एमएल पॉलिसी बनाई गई है, जिससे एआई और डिजिटल माध्यमों का प्रयोग जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जा सके।

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