चंडीगढ़ , जून 18 -- पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स, जालंधर में तैनात उप निरीक्षक अमनदीप सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गांव गोहावर, थाना गोराया, जिला जालंधर की निवासी द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके भाई के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है और एसआई अमनदीप सिंह इस मामले में उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी फंसाने तथा उनकी संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकियां दे रहा था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी एसआई पहले ही उससे अलग-अलग मौकों पर 6.50 लाख रुपये रिश्वत के रूप में ले चुका है और उसकी भाभी को मामले में नामजद होने से बचाने के लिए दो लाख रुपये और मांग रहा था। शिकायतकर्ता ने उक्त पुलिस कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने की बातचीत भी रिकॉर्ड कर ली थी।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी एसआई को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया तथा रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गयी। कार्रवाई के दौरान कांस्टेबल मनिंदर सिंह, जो आरोपी एसआई के साथ था, वाहन सहित मौके से फरार हो गया।

इस संबंध में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विजिलेंस ब्यूरो के थाना जालंधर में मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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