मुंबई , सितंबर 18 -- महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर सत्तारूढ़ व्यवस्था के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने महाराष्ट्र में 2.66 करोड़ से अधिक मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने की आशंका जताते हुए चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
श्री वडेट्टीवार ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति बहुल चुनाव क्षेत्रों से मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाने के उद्देश्य से एक व्यवस्थित और लक्षित मताधिकार विरोधी अभियान चलाया गया।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अनुसार, 2,66,88,478 मतदाताओं पर संशय जताया गया है, जो यह संकेत देता है कि राज्य की कुल मतदाता सूची में से 21.41 प्रतिशत का चौंकाने वाला आंकड़ा अंतिम सूची से हटाया जा सकता है।
इन विवादित आंकड़ों में 76,76,135 को स्थानांतरित, 75,41,520 को अनुपस्थित और 62,48,281 को सामान्य विसंगतियों के तहत सूचीबद्ध किया गया है।
श्री वडेट्टीवार ने दावा किया कि 38 अल्पसंख्यक या मुस्लिम बहुल चुनाव क्षेत्र इससे गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, जहां 29.77 प्रतिशत का असमान रूप से अधिक नाम हटाये जाने का अनुपात देखा गया है।
उन्होंने चुनाव निकाय के आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट की कड़ी निंदा की। जिसमें 'तथाकथित मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्र' के बारे में बोला। श्री वडेट्टीवार ने हमला बोलते हुए कहा, "कुछ शर्म करो। एक संवैधानिक पद पर बैठकर, आप सत्ता में बैठे लोगों के साथ गुलामों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। क्या ऐसी भाषा चुनाव आयोग को शोभा देती है?"कांग्रेस नेता वडेट्टीवार ने चुनाव आयोग से मतदाता आंकड़ों में कथित बदलाव को लेकर पूर्ण पारदर्शिता और विस्तृत तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि आयोग किसके निर्देश पर काम कर रहा है। श्री वडेट्टीवार के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में मतदाता संख्या में कुल 21 प्रतिशत तक और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में करीब 29 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। इन दावों को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं।
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