चेन्नई , मई 12 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा निजी ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी-राजनीतिक) बनाने के फैसले की उनकी सरकार को समर्थन दे रहे दलों ने आलोचना की है।
मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले इस ज्योतिषी ने पहले विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) की जीत और श्री विजय के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की थी। वह टीवीके के प्रवक्ताओं में से भी एक हैं। श्री रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को ओएसडी बनाने का एक सरकारी आदेश मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव रीता हरीश ठक्कर ने जारी किया। यह नियुक्ति उनके ड्यूटी पर आने की तारीख से लागू होगी।
श्री विजय के इस कदम से सोशल मीडिया पर इसका मजाक उड़ाया जा रहा है और वामपंथी दलों और थोल थिरुमावलवन की विदुथलाई चिरतुथईगल काची (वीसीके) ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस भी इस कदम से नाराज है। गौरतलब है कि ये दल सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं। वीसीके के महासचिव डी रविकुमार कहते हैं, "कर चुकाने वालों का पैसा किसी ज्योतिषी को मुख्यमंत्री का ओएसडी बनाकर खर्च करना संविधान का उल्लंघन है। मुख्यमंत्री की निजी पसंद से शासन का रास्ता तय नहीं होना चाहिए। उन्हें इस फैसले पर दोबारा सोचना चाहिए।" उन्होंने कहा, "एक धर्मनिरपेक्ष सरकार में ज्योतिषी का होना गलत है।"मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव पी शनमुगम ने इस कदम का विरोध करते हुए साफ किया कि किसी ज्योतिषी का राजनीतिक सलाह देना मंजूर नहीं है और यह समझदारी वाली सोच के खिलाफ है।
उन्होंने कहा, "यह नियुक्ति पीछे ले जाने वाली है और लोगों को ज्योतिष की ओर जाने के लिए बढ़ावा दे सकता है, जिसे महान तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती ने गलत साबित किया है और नामंजूर किया है।" उन्होंने मांग की कि इस पर बिना देर किए दोबारा सोचा जाए। सोशल मीडिया ने इस नियुक्ति का मजाक बनाया क्योंकि यह पहली बार था जब किसी ज्योतिषी को सरकारी कार्यालय में नियुक्त किया गया है।
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