चेन्नई , अगस्त 09 -- टीवीके अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने अन्नाद्रमुक छोड़कर आए विधायकों को पार्टी में वरिष्ठ पदों पर नियुक्त किया, जो अपने पद छोड़कर सत्तारूढ़ 'तमिलगा वेट्री कझगम' में शामिल हुए थे।
इस कदम का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों और स्थानीय निकाय उपचुनावों से पहले उनकी संगठनात्मक क्षमताओं का बेहतर बनाना है।
अन्नाद्रमुक के पूर्व मंत्री करूर के एम.आर. विजयभास्कर और पुडुकोट्टई के सी. विजयभास्कर, साथ ही ऐसाक्की सुब्बैया और मरगथम कुमारवेल को टीवीके के संगठन में जगह मिली है। ये नेता विधायक पद से इस्तीफ़ा देकर टीवीके में शामिल होने के बाद एक महीने से ज़्यादा समय से नाराज़ चल रहे थे।
शनिवार देर रात जारी एक मीडिया रिलीज़ में, टीवीके ने करूर के कद्दावर नेता एम.आर. विजयभास्कर को उप महासचिव और करूर ज़िला सचिव (संगठन) नियुक्त करने की घोषणा की जबकि विरलिमलाई के विधायक पद से इस्तीफ़ा देने वाले सी. विजयभास्कर ज़िला सचिव (संगठन) बनाया है।
शुरुआत में, दोनों को उम्मीद थी कि उन्हें विजय सरकार में जगह मिलेगी लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन दे रही वामपंथी पार्टियों ने इस कदम का विरोध किया क्योंकि दोनों नेताओं पर भ्रष्टाचार के कई मामले चल रहे हैं। इस कारण से टीवीके को पीछे हटना पड़ा लेकिन इससे अन्नाद्रमुक से नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला नहीं रुका।
मदुरंतकम की पूर्व विधायक मरगथम कुमारवेल को पार्टी का उप महासचिव बनाया गया है; वह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में शामिल होने वाली दूसरी महिला हैं। विधायक बनने के कुछ ही हफ़्तों के भीतर पाला बदलने वालों में वह शामिल थीं। इसके अलावा, अंबासमुद्रम के पूर्व विधायक ईसाक्की सुब्बैया को तेनकासी का ज़िला सचिव (संगठन) नियुक्त किया गया है।
यह कदम टीवीके द्वारा अपनी मीडिया पहुंच को मजबूत करने के लिए पूर्व माकपा राज्य सहायक सचिव सी. महेंद्रन, पूर्व अन्नाद्रमुक नेता वी. पुगाज़हेंधी, जवाहर अली और कुछ अन्य लोगों को पार्टी का प्रवक्ता बनाने के ठीक बाद उठाया गया है।
भले ही मद्रास उच्च न्यायालय चुनाव आयोग पर पांच निर्वाचन क्षेत्रों (कुल सात खाली सीटें) के लिए उपचुनाव की घोषणा करने पर लगी रोक बढ़ा दी है लेकिन मामला सुलझने के बाद चुनाव कराए जाएंगे।
नई नियुक्तियों से संगठन और जनता तक पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है क्योंकि टीवीके उपचुनाव को लेकर बहुत उत्साहित है क्योंकि इससे उसे सदन में बहुत जरूरी बहुमत मिल सकता है।
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