जम्मू , जुलाई 27 -- जम्मू-कश्मीर में डोडा जिले के थलेला में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में और देश के पूर्व सैनिकों व वीर नारियों के साहस, बलिदान तथा अटूट समर्पण को सम्मानित करने के लिए भारतीय सेना की ओर से आयोजित एक संपर्क कार्यक्रम में सोमवार को 200 से अधिक पूर्व सैनिक और युद्ध विधवाएं शामिल हुईं।

यहां रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय सेना और पूर्व सैनिक समुदाय के बीच स्थायी बंधन को मजबूत करना, कल्याणकारी सहायता प्रदान करना और देश के वीर सैनिकों के परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करना था।

कार्यक्रम में चार वीर नारियों और 13 विधवाओं सहित कुल 220 प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के पंजीकरण के साथ हुई, जिसके बाद भारतीय सेना के एक अधिकारी का संबोधन हुआ।

अधिकारी ने कारगिल युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि दी, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के अमूल्य योगदान को सराहा तथा उनके कल्याण और भलाई के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को दोहराया।

सम्मान और आभार के प्रतीक के रूप में, देश के प्रति उनके बलिदान और अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए भारतीय सेना ने चार वीर नारियों और 13 विधवाओं को सम्मानित किया। पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के साथ संवादात्मक सत्र ने उनके कल्याण से संबंधित चिंताओं, सुझावों और उम्मीदों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान किया।

उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को पेंशन, दस्तावेजीकरण और कल्याण संबंधी मामलों में सहायता प्रदान करने के लिए जिला सैनिक बोर्ड संचालित एक शिकायत निवारण सेल स्थापित किया गया था। ईसीएचएस सदस्यता, स्मार्ट कार्ड, सूचीबद्ध अस्पतालों, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े अन्य प्रश्नों के संबंध में जानकारी व सहायता प्रदान करने के लिए एक ईसीएचएस हेल्प डेस्क भी लगाया गया था।

उन्होंने बताया कि आवश्यक सेवाओं और एसबीआई काउंटर तक पहुंच आसान बनाने के लिए कार्यक्रम स्थल पर एक सीएसडी काउंटर और एक गैर-सीएसडी काउंटर उपलब्ध कराया गया था। भारतीय सेना की ओर से आयोजित एक व्यापक चिकित्सा शिविर ने सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप और ब्लड शुगर जांच, चिकित्सा परामर्श, दवाएं और आवश्यकतानुसार अन्य चिकित्सकीय केंद्र जाने की सलाह प्रदान की। प्रतिनिधियों ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और एक सामुदायिक भोज के साथ हुआ, जिसने आपसी भाईचारे को बढ़ावा दिया और भारतीय सेना, उसके पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों के बीच आजीवन रिश्ते को और मजबूत किया।

उन्होंने कहा कि यह संपर्क कार्यक्रम अपने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने की भारतीय सेना की स्थायी भावना को दर्शाता है, साथ ही उनके कल्याण और भलाई के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराता है।

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