वायनाड , मार्च 01 -- केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने रविवार को वायनाड जिले के कल्पेट्टा में 'वायनाड टाउनशिप' परियोजना के प्रथम चरण का उद्घाटन किया। यह टाउनशिप चूरलमला और मुंडक्कई में विनाशकारी भूस्खलन से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए निर्मित की गयी है।

मुख्यमंत्री ने समारोह में 178 आवासों की चाबियां और भूमि स्वामित्व दस्तावेज लाभार्थियों को सौंपे। उन्होंने कहा कि अगली मानसून ऋतु से पहले सभी आपदा-प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा, "भाईचारे के हमारे बंधन ने इस परियोजना को साकार किया है। प्रथम चरण के बाद शेष परिवारों के लिए भी कुछ महीनों के भीतर घर तैयार कर सौंप दिए जाएंगे।"मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि योजना के क्रियान्वयन के दौरान झूठे प्रचार और केंद्रीय सहायता से इनकार जैसी बाधाएं सामने आईं तथा कुछ लोगों ने आपदा पीड़ितों को गुमराह करने की कोशिश की।

सरकार ने पहले चरण में 178 घर सौंपे हैं और आगे 410 अतिरिक्त मकान बनाने की योजना है, जिससे कुल मिलाकर 1,600 से अधिक विस्थापित लोगों को बसाया जा सकेगा।

यह टाउनशिप स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी, बाजार और सामुदायिक सुविधाओं जैसी बुनियादी संरचनाओं से सुसज्जित एक स्वावलंबी बस्ती के रूप में विकसित की गई है। यह पहल जुलाई 2024 की त्रासदी के बाद राज्य सरकार के नेतृत्व में किया गया बड़ा पुनर्वास प्रयास है, जिसमें 300 लोगों की जान गई थी।

सरकार ने कल्पेट्टा गांव के एल्स्टन एस्टेट में 64.4705 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित कर इस टाउनशिप का निर्माण किया है। भूमि अधिग्रहण के अगले ही दिन निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। मुख्यमंत्री विजयन ने 27 मार्च 2025 को इस परियोजना का शिलान्यास किया था।

प्रथम चरण में वे परिवार शामिल किए गए हैं, जिनके घर आपदा में पूरी तरह नष्ट हो गए थे। एक मंजिला 1,000 वर्ग फुट के ये मकान प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने में सक्षम ढांचे के साथ बनाए गए हैं तथा भविष्य में दो मंजिला निर्माण की संभावना को ध्यान में रखकर नींव डाली गई है। प्रत्येक घर में मुख्य शयनकक्ष, दो अतिरिक्त कमरे, बैठक, अध्ययन कक्ष, भोजन कक्ष, रसोई और स्टोर की व्यवस्था की गई है।

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