कासरगोड , अक्टूबर 06 -- केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो सदस्य पिनाराई विजयन ने मंगलवार को केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम के लिए केरल पुलिस द्वारा सुरक्षा दिए जाने की कड़ी निंदा की।

उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार संघ परिवार की उन कोशिशों में मदद कर रही है, जिनका मकसद उच्च शिक्षण संस्थानों का भगवाकरण करना और परिसर में सांप्रदायिक एजेंडा को बढ़ावा देना है।

श्री विजयन ने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई बेहद निंदनीय है, खासकर इसलिए क्योंकि संघ परिवार से जुड़े संगठनों को छोड़कर लगभग सभी छात्र संगठनों ने इस कार्यक्रम का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र संगठनों के विरोध के बावजूद सरकार ने कार्यक्रम आयोजित करने में सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों का भगवाकरण करने और परिसर में सांप्रदायिक एजेंडा लागू करने की संघ परिवार की साजिश में यूडीएफ सरकार का सहयोग एक आम बात हो गई है।

उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार के पीछे का राजनीतिक मकसद साफ था। श्री विजयन ने सवाल किया, "अगर यह दावा किया जा रहा है कि यह एक अकादमिक कार्यक्रम था, तो विश्वविद्यालय के अधिकारियों के पास ऐसे आरएसएस नेता को बुलाने का क्या तर्क है, जिनकी कोई अकादमिक पृष्ठभूमि नहीं है?"उन्होंने यह भी कहा कि जिन छात्रों ने कार्यक्रम के लिए पहले से पंजीकरण कराया था, उन्हें भी हॉल में जाने से रोका गया और बाहर ही रहने को मजबूर किया गया। श्री विजयन ने कहा कि केरल ने हमेशा शिक्षण संस्थानों को नफरत फैलाने वाले प्रचार और सांप्रदायिकता का केंद्र बनाने की कोशिशों का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी ताकतों को अपनी गतिविधियां चलाने के लिए राज्य पुलिस की सुरक्षा देना यूडीएफ सरकार की आरएसएस को खुश करने की नीति को उजागर करता है।

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