बैतूल , मार्च 19 -- मध्यप्रदेश के बैतूल में आयोजित विक्रमोत्सव-2026 कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री जनजातीय कार्य दुर्गादास उईके ने "विरासत भी और विकास भी" के संकल्प को दोहराते हुए देश और प्रदेश के तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर होने की बात कही।

बैतूल स्थित महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का श्री उईके ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर ब्रह्मध्वज स्थापना, वंदना के साथ "कोटि सूर्योपासना" एवं "जल गंगा संवर्धन अभियान" का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और वैज्ञानिक परंपराओं को कमजोर करने के प्रयास हुए, लेकिन आज देश पुनः अपने गौरवशाली इतिहास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी और मोहन यादव के नेतृत्व में भौतिक और आध्यात्मिक विकास के साथ-साथ आगे बढ़ने की बात कही।

उन्होंने विक्रम संवत को वैज्ञानिक आधार पर आधारित बताते हुए नई पीढ़ी को भारतीय नव वर्ष के महत्व से परिचित कराने पर बल दिया। साथ ही सूर्योपासना की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि सूर्य ऊर्जा और जीवन के प्रमुख स्रोत हैं, जो मानव जीवन में सकारात्मकता का संचार करते हैं।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के कलाकारों ने महाराजा विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने सराहा। इस अवसर पर कलाकारों का सम्मान किया गया तथा "भारत का नव वर्ष विक्रम संवत" पुस्तिका का वितरण भी किया गया।

जल संरक्षण पर जोर देते हुए श्री उईके ने कहा कि जल संकट वैश्विक स्तर पर गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने बताया कि "जल गंगा संवर्धन अभियान" 19 मार्च से 30 जून तक संचालित किया जाएगा, जिसके तहत ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी।

उन्होंने कहा कि बैतूल जिले में जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं, जिसके लिए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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