उज्जैन , मई 06 -- मध्यप्रदेश की प्राचीन एवं धार्मिक नगरी उज्जैन में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला विक्रमोत्सव दुनिया का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला सांस्कृतिक आयोजन बन गया है। इस उत्सव में सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ व्यावसायिक आयोजन भी शामिल हैं और इसके अंतर्गत कार्यक्रम आगामी 30 जून तक जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत यह आयोजन महाशिवरात्रि पर्व से प्रारंभ हुआ। सृष्टि सृजनकर्ता महादेव की आराधना से शुरू हुआ यह उत्सव वर्ष प्रतिपदा तक विभिन्न चरणों में संचालित होते हुए जल संरक्षण एवं संवर्धन पर केंद्रित "जल गंगा संवर्धन अभियान" के रूप में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि 12 फरवरी से 30 जून 2026 तक चलने वाला यह 139 दिवसीय आयोजन सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। इसके प्रथम चरण का समापन महाशिवरात्रि पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा प्रस्तुत 'शिवोऽहम' आराधना से हुआ, जबकि द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून तक संचालित होगा। इस दौरान 41 से अधिक गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों ने सहभागिता की है।
आयोजन के डिजिटल प्रसारण ने भी नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच इससे जुड़ी गतिविधियों ने 17.72 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई। सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीम के माध्यम से 47.85 लाख लोगों तक सीधी पहुँच बनी, जबकि उपयोगकर्ता-निर्मित कंटेंट और विभिन्न हैशटैग के जरिए 17.24 करोड़ से अधिक की डिजिटल रीच दर्ज की गई।
उन्होंने बताया कि विक्रमोत्सव 2026 को इस वर्ष गोल्ड एवं सिल्वर अवॉर्ड प्राप्त हुए हैं, जो मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और वैश्विक पहचान का प्रतीक हैं। इससे पूर्व वर्ष 2025 में इसे ईमैक्स ग्लोबल अवॉर्ड द्वारा "लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर" तथा वाउ अवार्ड एशिया 2025 में गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2024 में भी इसे एशिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
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