भागलपुर , मई 04 -- बिहार के भागलपुर जिले में विक्रमशिला गंगा पुल का एक हिस्सा (स्लैब)टूटकर गंगा नदी में गिर जाने से जिला मुख्यालय से नवगछिया अनुमंडल का संपर्क कट गया है। भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सोमवार को यहां बताया कि विक्रमशिला गंगा पुल के पाया संख्या- 133 के पास पिलर संख्या -चार और पांच के बीच का करीब पच्चीस मीटर लंबा स्लैब(हिस्सा) अहले सुबह अचानक टूटकर गंगा नदी में गिर गया है। हादसे के समय पुल पर आवागमन बंद रहने की वजह से किसी तरह की क्षति नहीं हुई है।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस हादसे के बाद जिला मुख्यालय से समूचे नवगछिया अनुमंडल का संपर्क कट चुका है। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त पुल के दोनों ओर घेराबंदी कर सभी तरह के आवागमन को रोक दिया गया है। भागलपुर और नवगछिया के पुलिस प्रशासन के द्वारा दोनों तरफ पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। दोनों ओर से आने वाले वाहनों और आमलोगों को सुल्तानगंज के रास्ते मुंगेर गंगा पुल से आवाजाही करने के लिये कहा गया है।

डाॅ.चौधरी ने बताया कि रविवार की देर रात को उक्त पुल के पाया संख्या 133 के पास एक बड़ा गैप बन जाने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को तुरंत मौके पर भेजा गया था। इसके कुछ देर बाद पुल के दोनों ओर से यातायात को बंद कराते हुए पुल को खाली करवाया गया। यातायात पुलिस की सूझबूझ एवं सतर्कता से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस हादसे की जानकारी राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारियों को दे दी गई है। पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर की टीम मौके पर पहुंच रही है। टीम पुल के स्लैब के टूटने के विभिन्न पहलुओं की जांच पड़ताल करेगी। वहीं पुल निर्माण निगम के स्थानीय अधिकारी मौके पर कैंप किए हुए हैं।

गौरतलब है कि उत्तर बिहार एवं सीमांचल के एक बड़े हिस्से को भागलपुर के रास्ते झारखंड से जोड़ने वाला विक्रमशिला गंगा पुल को वर्ष 2001 में चालू किया गया था। इस पुल को भागलपुर जिले का जीवनरेखा माना जाता है। पिछले आठ वर्षों से इस पुल का मरम्मत कार्य नहीं किया गया था,जिससे आए दिन उक्त पुल पर आवागमन में बाधा उत्पन्न होती थी,लेकिन पुल निर्माण निगम के द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया जाना इस बड़े हादसे का कारण बन गया। ऐसे में निगम की इस लापरवाही का खामियाजा पूर्वी बिहार और सीमांचल के आमलोगों को लंबे समय तक भुगतना पड़ सकता है।

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