जम्मू , अक्टूबर 04 -- केंद्रीय मंत्री और जम्मू-कश्मीर के उधमपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि किश्तवाड़ जिले में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि जहां भी आवश्यक हो युवाओं को उपयुक्त प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि स्थानीय कार्यबल इन चल रही विकास परियोजनाओं में अधिक प्रभावी ढंग से योगदान दे सके।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र में जमीनी स्तर पर जारी जुड़ाव के तहत रविवार को किश्तवाड़ जिले के भाजपा पदाधिकारियों और मंडल प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल माध्यम से विस्तृत संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों की दिन-प्रतिदिन की विकास प्राथमिकताओं और स्थानीय आवश्यकताओं पर प्रतिनिधियों से प्रतिक्रिया प्राप्त की।

उन्होंने कहा कि इस संवाद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किश्तवाड़ के प्रत्येक क्षेत्र की विकास प्राथमिकताएं सही मंच तक पहुंचे और उन पर व्यवस्थित तरीके से कार्रवाई की जाये।

केंद्रीय मंत्री ने जिला अध्यक्ष और मंडल प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे प्राथमिकताओं की श्रेणीबद्ध सूची तैयार करें और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित समन्वय बनाये रखें। बैठक के दौरान प्रमुख विकास परियोजनाओं, विस्थापितों के पुनर्वास और पुनर्स्थापना, स्थानीय रोजगार तथा परियोजना-प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे भी उठाये गये।

डॉ. सिंह ने सुझाव दिया कि इन मामलों को अलग से संकलित कर जिला प्रशासन और संबंधित बिजली परियोजना अधिकारियों के समक्ष उठाया जाना चाहिए।

वर्चुअल संवाद के दौरान सुदूर क्षेत्रों में सड़क संपर्क, मोबाइल नेटवर्क के विस्तार, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे स्थानीय आधारभूत मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। सड़क संपर्क को मुख्य प्राथमिकता बताते हुए प्रतिनिधियों ने पीएमजीएसवाई सड़कों, दूरदराज के क्षेत्रों की संपर्क और लंबित वन मंजूरियों के मामले रखे। इस पर केंद्रीय मंत्री ने स्वीकृत लेकिन लंबित सड़क परियोजनाओं की सूची बनाकर जिला प्रशासन से फॉलो- अप करने को कहा।

स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि बेहतर सुविधाओं वाले अस्पतालों से डॉक्टरों को रोटेशनल आधार पर सुदूर क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है, जिसके लिए वे संबंधित अधिकारियों से बात करेंगे। शिक्षा और पर्यटन के संदर्भ में केंद्रीय विद्यालयों, डिग्री कॉलेजों के सुदृढ़ीकरण, संकाय पदों और छात्रावास सुविधाओं के साथ-साथ सराथल जैसे पर्यटन स्थलों पर ढांचागत सुधारों पर जोर दिया गया। उन्होंने जिला संगठन को इस पूरी प्रक्रिया को केवल ज्ञापन सौंपने तक सीमित न रखकर लगातार फॉलो-अप करने के लिए प्रेरित किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित