नैनीताल , अगस्त 06 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने देहरादून जिले के विकासनगर के ग्राम पंचायत तौली में पेड़ों के कथित अवैध कटान और लॉपिंग (शाखाएं काटने) के मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने गोपाल सिंह एवं अन्य द्वारा दायर जनहित याचिका पर 05 अगस्त को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को दो सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। आदेश की प्रति आज मिल पायी।
याचिका में कहा गया है कि जनवरी 2026 में विकासनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत तौली स्थित शिव मंदिर भूड़ एवं ग्राम सभा भूमि के आसपास बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई और लॉपिंग की गई। इसके बाद 12 जनवरी को प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ), कालसी को लिखित शिकायत दी गई।
शिकायत पर 16 जनवरी को वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में 54 पेड़ों के अवैध कटान और 29 पेड़ों की बिना अनुमति लॉपिंग की पुष्टि हुई। इसके बाद 20 जनवरी को प्रभागीय वनाधिकारी, कालसी ने एसडीएम विकासनगर को पत्र भेजकर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। पत्र की प्रति वन परिक्षेत्र अधिकारी, लांघा को भी भेजी गई ताकि राजस्व प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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