बैतूल , सितंबर 12 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले की जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान लापरवाही और वित्तीय अनियमितताएं सामने आने पर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने संबंधित सरपंच, सचिव और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्री सोनवणे ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और असंतोषजनक कार्य पर ग्राम पंचायत बंजारीढाल के सचिव जितेन्द्रनाथ मंडल, ग्राम रोजगार सहायक सुरेश सलाम तथा ग्राम पंचायत गोलाई बुजुर्ग के सचिव भूरासिंग कवड़े को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी भवन निर्माण में वित्तीय अनियमितता के मामले में ग्राम पंचायत कान्हावाड़ी के तत्कालीन सरपंच कमलेश परते और तत्कालीन सचिव खेमराज यादव, निर्माण कार्य में अनियमितता पर ग्राम पंचायत चोपना के सरपंच अशोक नावरे, सीसी रोड निर्माण में अनियमितता पर तत्कालीन सचिव विनोद कुमार चौरसिया, ग्राम पंचायत शक्तिगढ़ की सरपंच कमला मर्सकोले और तत्कालीन प्रभारी सचिव कैलाश सराठे तथा स्टॉपडेम निर्माण में अनियमितता पर ग्राम पंचायत चिखलीमाल की सरपंच सरिता धुर्वे और तत्कालीन सचिव धन्नालाल इवने के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं।
सरपंचों को धारा 40 के तहत पद से पृथक करने तथा सरपंच-सचिवों से धारा 89 के तहत वसूली के लिए तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जबकि वीबी-जी रामजी योजना में नवीन कार्यों के वर्क कोड नहीं खोलने और एक जुलाई से मानव दिवस सृजन में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के तीन दिन के वेतन को अवैतनिक करने के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसी तरह उपयंत्री दीपेश सोनकर के खिलाफ सेवा समाप्ति के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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