अलवर , अक्टूबर 04 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पंजाब एवं जम्मू-कश्मीर प्रभारी डॉ.सतीश पूनियां ने कहा है कि देश का नौजवान जब नशे के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा हो जाएगा तो नशा भी उसी तरह देश से गायब हो जाएगा, जिस तरह समय के साथ समाज की अनेक बुराइयां समाप्त हुई हैं।
डॉ पूनियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' अभियान के तहत रविवार को अलवर में आयोजित वॉकथॉन में युवाओं से संवाद कर रहे थे। उन्होंने नशामुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत का नौजवान, राजस्थान का नौजवान और अलवर का नौजवान जब नशे के खिलाफ एकजुट हो जायेगा तो यह संभव होगा।
उन्होंने अभियान में जुटी 'माय भारत' की टीम का भी आभार जताया। वॉकथॉन के दौरान युवाओं ने नशामुक्त रहने तथा स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प भी लिया।
उन्होंने मीडिया के सवालों पर कहा कि नशे की तस्करी का नेटवर्क देश के दूसरे हिस्सों तक भी फैल रहा है। इसलिए नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल किसी एक राज्य की समस्या मानकर नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नशे की समस्या को लेकर लगातार चिंता व्यक्त की है। विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए देश को नशामुक्त बनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है। इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए नशे के खिलाफ लड़ाई में सरकार के साथ समाज, परिवार और युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है lडॉ पूनिया ने अभिभावकों से बच्चों की परवरिश और देखभाल को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस या आईपीएस बनने का सपना देखते हैं लेकिन इससे पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बच्चा गलत रास्ते पर तो नहीं जा रहा और नशे की ओर तो नहीं बढ़ रहा।
उन्होंने कहा कि बच्चा रहेगा तो आईएएस-आईपीएस भी बन जाएगा। बच्चा स्वस्थ और व्यवस्थित रहेगा तो आगे चलकर अपने परिवार का भी बेहतर तरीके से पालन-पोषण करेगा। लेकिन यदि बच्चा नशे के चंगुल में फंस गया तो उससे बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। सोशल मीडिया और वीडियो के माध्यम से नशे से जुड़ी भयावह तस्वीरें और घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार, संगति और गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
राजस्थान में नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर डॉ पूनियां ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान भाजपा सरकार के दौरान नशे के खिलाफ पिछली कांग्रेस सरकार की तुलना में करीब चार गुना अधिक कार्रवाई हुई है। नशे की तस्करी में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के साथ मादक पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की करीब 1100 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और फेंसिंग के माध्यम से निगरानी की जा रही है। नशे की समस्या की जड़ें गहरी हैं और इसे एक दिन में समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए लगातार अभियान चलाने, तस्करी के नेटवर्क पर प्रहार करने और युवाओं को नशे से दूर रखने की जरूरत है।
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