भीलवाड़ा , सितम्बर 27 -- राजस्थान में विकसित भारत जन सेवा शिविर एवं सेवा सेतु अभियान के तहत रविवार को रायला ग्राम पंचायत में आयोजित एक दिवसीय शिविर में व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गये।

आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल ने जब कर्मचारियों की उपस्थिति जांची तो कई विभागों के कर्मचारी मौके से नदारद मिले। अनुपस्थिति देखकर सांसद ने नाराजगी जताई और बनेड़ा तहसीलदार को संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।

शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए 22 विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। निरीक्षण के दौरान सात विभागों के कर्मचारी मौजूद नहीं मिले। इनमें स्वच्छ भारत मिशन, जल संसाधन, शिक्षा, परिवहन, सैनिक कल्याण, सार्वजनिक निर्माण और सहकारिता विभाग शामिल बताये गये हैं।

सांसद दामोदर अग्रवाल ने शिविर में पहुंचकर विभागवार व्यवस्थाओं और अब तक हुए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने मौजूद कर्मचारियों से परिचय लेने के साथ ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही योजनाओं के लाभ की स्थिति भी जानी। इसी दौरान जब कर्मचारियों की हाजिरी जांची गई तो कई विभागों के कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सांसद ने इसे गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार वेणी प्रताप सरगरा को अनुपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार और रविवार को पंचायती राज विभाग, राजस्व विभाग और कृषि विभाग के कर्मचारियों के ड्यूटी बहिष्कार के कारण वे शिविर में उपस्थित नहीं रहे। इन विभागों के कर्मचारी नहीं होने से ग्रामीणों के कई काम प्रभावित होने की बात सामने आयी।

शिविर के दौरान एक और सवाल उस समय खड़ा हुआ, जब अपराह्न करीब तीन बजे ही अधिकतर विभागों के कर्मचारी अपनी कुर्सियां छोड़कर बाहर चले गये, जबकि शिविर का निर्धारित समय सुबह साढ़े नौ से शाम छह बजे तक बताया गया था।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन मौके पर अपेक्षाकृत कम संख्या में ग्रामीण पहुंचे। ग्रामीणों का कहना था कि शिविर की जानकारी समय रहते गांव-गांव तक पहुंचाई जाती तो अधिक लोग अपने काम लेकर यहां पहुंच सकते थे।

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