जौनपुर , जुलाई 10 -- वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 वंदना सिंह ने शुक्रवार को विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवा विद्यार्थी अत्यंत प्रतिभाशाली हैं और आने वाले समय में विकसित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और राष्ट्र निर्माता बनेंगे।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर द्वारा गोद लिए गए ग्रामों के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिये दीक्षांत समारोह-2026 से जुड़े कार्यक्रमों के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर स्थित एकलव्य स्टेडियम एवं राष्ट्रीय सेवा योजना भवन में किया गया। यह आयोजन राजभवन सचिवालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश के क्रम में किया गया।

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने का आह्वान करते हुए कहा कि जो भी विषय पढ़ें, उसे केवल परीक्षा के लिए नहीं बल्कि गहराई से समझने का प्रयास करें। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ संतुलित आहार भी अत्यंत आवश्यक है। घर में जो भोजन बने, उसे अवश्य खाएं और अनावश्यक जंक फूड से बचें। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन से ही बेहतर अध्ययन और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्रामों के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिताओं में पारंपरिक खेल, 100 मीटर दौड़, पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर गीत-गायन एवं अभिनय, देशभक्ति गीत एवं पारंपरिक लोकनृत्य, तथा "मेरी माँ" विषय पर भाषण, निबंध, काव्य-पाठ एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

इसके अतिरिक्त कक्षा 03 से 08 तथा कक्षा 09 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए पृथक समूहों में भाषण, चित्रकला/पेंटिंग एवं कहानी कथन (स्टोरी टेलिंग) प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कक्षा 09 से 12 के विद्यार्थियों ने अपने-अपने गांवों में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं स्वच्छता जैसे विषयों पर किए गए उत्कृष्ट कार्यों को प्रभावी ढंग से अपने भाषणों में प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया गया, जिन्हें आगामी दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति महोदया द्वारा सम्मानित किया जाएगा। विजयी चित्रों का प्रदर्शन भी दीक्षांत समारोह में किया जाएगा तथा उनका संकलन पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा।

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