नयी दिल्ली , फरवरी 21 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत के लिए स्वदेशी चिप को बेहद जरूरी बताते हुए कहा है कि इसके बाद देश को आधुनिक साजो- सामान के विनिर्माण के लिए दूसरों की ओर नहीं देखना पड़ेगा। श्री मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीड़ा) में एचसीएल-फॉक्सकॉन संयुक्त उपक्रम परियोजना, इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड के शिलान्यास समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत का निर्माण तब होगा जब भारत आत्मनिर्भर होगा और इसके लिए 'मेड इन इंडिया' चिप होना बहुत ज़रूरी है।
उन्होंने कहा कि जब भारत की चिप मेड इन इंडिया होगी तो हमें आधुनिक साजो-सामान के विर्निमाण के लिए दूसरों की तरफ नहीं देखना पड़ेगा। उन्होंने कहा , " डिजिटल इंडिया, ए आई, 5 जी-6 जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और रक्षा जैसे आज जरूरत के हर सामान की आत्मा सेमीकंडक्टर है, चिप है। हमारे पास अपनी चिप होगी, तो हर सेक्टर में भारत की गति बिना रोक-टोक जारी रहेगी।"प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को चिप विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है इसके लिए देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का निर्माण जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने भारत को दुनिया में भरोसेमंद साझेदार करार देते हुए कहा , " भारत जैसा लोकतांत्रिक देश दुनिया का एक भरोसेमंद साझेदार है। किसी भी मूल्य श्रृंखला में भारत की बढ़ती भागीदारी, उस श्रृंखला की मजबूत को ही बढ़ाएगी। " उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को प्रौद्योगिकी के भविष्य के केन्द्र के रूप में देख रही है।
उन्होंने कहा कि भारत, अपने 'चिप डिजायिनिंग टैलेंट' के पूल का तो विस्तार कर ही रहा है, साथ ही, सेमीकंडक्टर से जुडे कौशल पर भी बहुत बल दे रहा है। सरकार ने 'चिप टू स्टार्टअप' कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य, सेमीकंडक्टर डिज़ाइन में 85 हजार से ज्यादा,"इंडस्ट्री रेडी प्रोफेशनल्स' तैयार करने का है।
श्री मोदी ने कहा है कि यह दशक भारत में प्रौद्योगिकी का दशक बनने जा रहा है और दुनिया भी इसे मानते हुए भारत को प्रौद्योगिकी के भविष्य के केन्द्र के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का बड़ा राज्य होने के साथ-साथ देश का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का केन्द्र भी बनने जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सोफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों पहलुओं पर एक साथ काम कर रहा है।
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