पटना, मार्च 14 -- बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने शनिवार को कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में बिहार की भूमिका अग्रणी होगी।

जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव और कृषि के सामने खड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पटना स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में "बिहार-झारखंड रीजनल पॉलिसी डायलॉग एंड अवॉर्ड 2026" का आयोजन कियागया।

इस अवसर पर जलवायु परिवर्तन और सतत कृषि के विषय पर नीति-निर्माताओं, कृषि वैज्ञानिकों, कृषि कंपनियों के प्रतिनिधियों, वित्तीय संस्थानों, उद्यमियों और किसानों के बीच व्यापक संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य बदलती जलवायु परिस्थितियों के बीच कृषि को अधिक टिकाऊ, लचीला और भविष्य के अनुकूल बनाने के लिए नई नीतियों और तकनीकों पर विचार-विमर्श करना था।

इस मौके पर कृषि मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा गया है, इसमें कृषि की भी मुख्य भूमिका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में कृषि और किसानों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए लंबे समय से काम करते आ रहे हैं। हमारी यह कोशिश होनी चाहिए कि 2047 से पहले ही विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाए, इसमें बिहार की अग्रणी भूमिका होगी।

श्री यादव ने कहा कि कृषि को आकर्षक बनाने की जरूरत है, जिससे नौजवान पीढ़ी कृषि की ओर अग्रसर हो।उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करने से बेहतर है कि वे बिहार में ही कृषि के क्षेत्र में काम करें। उन्होंने कहा कि बिहार में आज परंपरागत कृषि से इतर फल, सब्जी और फूल का भी उत्पादन हो रहा है। आज जर्दालू आम, कतरनी चावल, लीची, मखाना आदि का निर्यात देश-विदेश में हो रहा है।

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