जौनपुर , जुलाई 28 -- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से विज्ञान अनुसंधान नवाचार और चरित्र निर्माण को जीवन का लक्ष्य बनाने का आवाहन करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना केवल नशा मुक्ति अनुशासित और नैतिक मूल्यों से युक्त युवा ही साकार कर सकते हैंश्रीमती पटेल ने सोमवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के 30 वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके शास्त्रों से नहीं, बल्कि विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं में जन्म लेती है। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं पर नहीं बल्कि उसकी कक्षाओं में लिखा जाता है। भारत आज विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन भारतीय युवाओं ने तैयार की यह पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और इंजीनियरिंग का उदाहरण है, अब लक्ष्य पूरे देश में हाइड्रोजन ट्रेन और स्वदेशी विमान चलाने का है।
राज्यपाल ने विक्रम मिशन और गगनयान का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय से इस पर साइंस और अंतरिक्ष अध्ययन से जुड़े नए पाठ्यक्रम तैयार करने का आवाहन किया, ताकि युवाओं को भविष्य की तकनीक के अनुरूप तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई है। उन्होंने चिंता जताई कि शोध के क्षेत्र में पिछड़ने के कारण भारतीय विश्वविद्यालय विश्व रैंकिंग में अपेक्षित स्थान हासिल नहीं कर पा रहे हैं। विश्वविद्यालय परिसरों और छात्रावास में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं बल्कि युवाओं के सपनों, प्रतिभा, स्वास्थ्य और परिवार की उम्मीदों को नष्ट कर देता है।
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