नयी दिल्ली , दिसंबर 13 -- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने वायु प्रदूषण के कारण विकराल स्थिति के मद्देनजर राजधानी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के शहरों में शनिवार को श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना-3 ( ग्रैप) लागू कर दी।

दिल्ली में पिछले तीन दिनों से हवा की गति धीमी होने के कारण स्थिति तेजी से बिगड़ी है। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई ) 10 दिसंबर को 259 ('खराब') से बढ़कर 11 दिसंबर को 307 ('बहुत खराब') हो गया और 12 दिसंबर को यह और बढ़कर 349 ('बहुत खराब') हो गया। बिगड़ती स्थिति के कारण शनिवार तड़के हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गयी और वायु गुणवत्ता सूचकांक 401 दर्ज किया गया जो गंभीर श्रेणी में आता है।

मौसम की खराब स्थिति बने रहने के कारण प्रदूषण की निगरानी वाली इस संस्था ने दिल्ली-एनसीआर के लिए ग्रैप 3 लागू करने की घोषणा की।

सीएक्यूएम ने बताया कि वायु में पीएम2.5 की मात्रा अधिक है और यहां के लगभग सभी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों ने पीएम2.5 को सबसे ज़्यादा प्रदूषक बताया है। यहां शनिवार को सुबह छह बजे शहर का एक्यूआई 387 था, सुबह आठ बजे यह बिगड़कर 393 हो गया और सुबह 10 बजे 401 पर पहुंच गया।

सीएक्यूएम ने कहा, "हवा की गुणवत्ता के मौजूदा हालत को देखते हुए और क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से रोकने के प्रयास में सीएक्यूएम ग्रैप उप समिति ने आज मौजूदा ग्रैप के स्टेज-III - 'गंभीर' एयर क्वालिटी (दिल्ली एक्यूआई 401-450 के बीच) के तहत बताए गए सभी उपायों को पूरे एनसीआर में तुरंत प्रभाव से लागू करने का फैसला किया है।"गौरतलब है कि ग्रैप 3 प्रतिबंधों में गैर-ज़रूरी निर्माण पर प्रतिबंध, स्टोन क्रशर और ईंट भट्टों को बंद करना, और डीज़ल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध, और हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से रोकने के लिए अन्य आपातकालीन कदम शामिल हैं। ग्रैप 3 के तहत दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र ( जिसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर शामिल हैं) में अलग-अलग, बीएस-IV मानदंडों से नीचे के डीज़ल और पेट्रोल वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं है।

आधिकारिक आदेश में कहा गया है, "जीएनसीटीडी दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-IV डीजल से चलने वाले एलसीवी ( हल्के मालवाहक वाहनों) को दिल्ली में प्रवेश की इजाज़त नहीं देगा, सिवाय उनके जो ज़रूरी सामान ले जा रहे हैं या ज़रूरी सेवाएं दे रहे हैं।" आदेश में कहा गया है कि एनसीआर की राज्य सरकारें और जीएनसीटीडी सार्वजनिक, नगर निगम और निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करने की अनुमति दे सकते हैं, बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे। इसमें यह भी कहा गया है कि केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर में अपने कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम की व्यवस्था की भी अनुमति दे सकती है।

सीएक्यूएम ने इससे पहले 22 नवंबर को, उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की समस्याओं को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाते हुए, ग्रैप उपायों में बदलाव किया और शुरुआती चरणों में सख्त उपाय लागू किए।

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