नयी दिल्ली , सितंबर 03 -- भारतीय वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन (सियाम) के 66वें वार्षिक अधिवेशन में गुरुवार को नीति निर्माताओं और उद्योग के दिग्गजों ने हरित ईंधन की तरफ रुख करने पर जोर दिया।

अधिवेशन में विशेष प्लेनरी सत्र का थीम था- "पर्यावरण अनुकूल परिवहन में वैश्विक नेतृत्व को बढ़ावा देना"। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने स्वच्छ ईंधन की तरफ देश के परिवहन में बदलाव की तरफ तेजी से बढ़ने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक, जैव ईंधन और ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य की दिशा तय करेंगे। हमें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करना होगा, भारी वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलना होगा, अपना निर्यात पारितंत्र तैयार करना होगा और देश को अत्याधुनिक परिवहन प्रौद्योगिकी एवं विनिर्माण के लिए वैश्विक केंद्र बनाना होगा।"सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने कहा कि वाहन सेक्टर के विकास की कहानी बेमिसाल है। यह सभी हितधारकों के बीच मज़बूत सहयोग से आगे बढ़ रही है। दिल्ली-एनसीआर में वाणिज्यिक वाहनों के लिए सरकार की 'परिवर्तन' योजना तेजी पकड़ रही है और इस क्षेत्र में इस सेगमेंट को बदल देगी।

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव कामरान रिज़वी ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के सफर में फेम और पीएलआई योजना के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि इस सेक्टर को बड़े पैमाने पर विकसित होने में हर तरह से मदद की जा रही है। अगले 10-15 साल में इलेक्ट्रिक परिवहन की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत के पार पहुंच जायेगी। हमें प्रौद्योगिकी के मामले में पीछे रहने की बजाय प्रौद्योगिकी का आविष्कारक बनना होगा।

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