भरतपुर , जुलाई 30 -- संत रविदास महाराज की जन्मभूमि वाराणसी से 29 जुलाई को राजस्थान के लिए निकली कलश यात्रा का गुरुवार को पूर्वी राजस्थान के प्रवेश द्वार भरतपुर में भव्य स्वागत किया गया।

कलश लेकर भरतपुर पहुंचे राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने राजस्थान-उत्तरप्रदेश की सीमा ऊंचा नगला पर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी को यह कलश सौपा।

सुश्री दीया कुमारी ने बताया कि कलश के जयपुर पहुंचने के बाद इसे पूरे राजस्थान के गांव-गांव तक ले जाकर संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे के संदेश को घर-घर पहुंचाया जायेगा। प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि 29 जुलाई को वाराणसी में कलश यात्रा का कार्यक्रम हुआ था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई मंत्री शामिल हुए। संत रविदास की जन्मभूमि से कलश देश के अलग-अलग राज्यों में पहुंच रहा है। गुरुवार को एक कलश लेकर भरतपुर सीमा से राजस्थान लाया गया। बताया गया कि जयपुर में कलश को मंदिर में स्थापित किया जायेगा।

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