वाराणसी , जून 24 -- वाराणसी नगर निगम ने ऑनलाइन गृहकर, जलकर व सीवर कर जमा करने के लिए व्हाट्सएप चैटबॉट और क्यूआर कोड सेवा शुरू की है। नई डिजिटल व्यवस्था और पारदर्शी प्रक्रिया के चलते वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कुल 44,382 भवन स्वामियों ने 27.64 करोड़ रुपये से अधिक का संपत्ति कर जमा किया है।

खास बात यह है कि वाराणसी इस अत्याधुनिक एआई आधारित व्हाट्सएप चैटबॉट सुविधा को लागू करने वाला प्रदेश का पहला नगर निगम बन गया है, जिसने टैक्स जमा करने की पूरी प्रक्रिया को बेहद सुगम और हाईटेक बना दिया है। निगम द्वारा उपलब्ध कराई गई ऑनलाइन सुविधाओं का नागरिकों ने व्यापक उपयोग किया है। ऑनलाइन माध्यमों (यूपीआई, नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड आदि) से 16,622 भवन स्वामियों ने कुल 12.39 करोड़ रुपये से अधिक का संपत्ति कर जमा किया। इसके अतिरिक्त, इंडसइंड बैंक के तकनीकी सहयोग से संचालित एआई आधारित व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से भी लगभग 1,000 करदाताओं ने सुविधापूर्वक 59.55 लाख रुपये से अधिक टैक्स जमा कर मिसाल पेश की है।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर के 2.33 लाख भवन स्वामियों को निगम कार्यालय की लंबी कतारों और बार-बार चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस सिस्टम का लाभ उठाने के लिए करदाताओं को केवल अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करना होता है, जिससे सीधे उपभोक्ता के व्हाट्सएप पर 86018 72601 नंबर सक्रिय हो जाता है।

इस नंबर पर केवल 'Hi' लिखकर भेजने के बाद कुछ ही सेकंड में डिजिटल बिल स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाता है, जहां से तत्काल सुरक्षित भुगतान कर रसीद डाउनलोड की जा सकती है। दूसरी ओर, निगम ने समय पर टैक्स देने वालों के लिए विशेष रियायतों की घोषणा भी की है। आगामी 15 जुलाई तक गृहकर, जलकर व सीवर कर जमा करने पर 10 प्रतिशत की मूल छूट दी जा रही है। इसके साथ ही डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन भुगतान करने वालों को दो प्रतिशत की अतिरिक्त छूट भी दी जा रही है, जिससे कुल राहत 12 प्रतिशत हो जाती है।

सामाजिक सरोकार के तहत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पद्म पुरस्कार विजेताओं को गृहकर, जलकर व सीवर कर में 50 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने एक अप्रैल से छह मई के बीच अपना टैक्स जमा कर दिया था, उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उनकी छूट की राशि को अगले वित्तीय वर्ष के बिल में पूरी तरह समायोजित (एडजस्ट) कर दिया जाएगा।

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