वाराणसी , अगस्त 27 -- राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नेताओं की कथित व्यक्तिगत निगरानी तथा लोकतांत्रिक आवाज दबाने के विरोध में कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई, भाकपा (माले), राष्ट्रीय जनता दल और फॉरवर्ड ब्लॉक समेत विभिन्न विपक्षी दलों ने गुरुवार को संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया।

कार्यकर्ता कचहरी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के पास एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च किया।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने तथा राजनीतिक विरोध को दबाने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि कार्यकर्ताओं के बैंक खातों, आधार, पैन कार्ड, वंश-वृक्ष, व्यवसाय और अन्य निजी जानकारियां जुटाने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायतें गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत जानकारी जुटाने के लिए स्पष्ट कानूनी आधार और निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है तथा लोकतंत्र में असहमति को अपराध नहीं माना जा सकता।

पैदल मार्च के बाद विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने एसीएम को पत्रक सौंपकर निगरानी और उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने तथा पारदर्शी एवं कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कैंट एसीपी, कैंट इंस्पेक्टर समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे समेत विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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