वाराणसी , अप्रैल 3 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार शाम यहां बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बीएलडब्ल्यू) मैदान में 'सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य' का शुभारंभ करेंगे।

योगी इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बीएलडब्ल्यू परिसर तथा उसके आसपास के निर्धारित क्षेत्र को कार्यक्रम अवधि तक नो-फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया गया है। इस दौरान किसी भी प्रकार के ड्रोन, यूएवी (अनमैन्ड एरियल व्हीकल), पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट अथवा अन्य किसी भी उड़ने वाले उपकरण का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से काशी में 'महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य' का भव्य मंचन किया जा रहा है। तीन अप्रैल से पांच अप्रैल तक काशी इस महानाट्य की साक्षी बनेगी।

इस भव्य प्रस्तुति में 200 से अधिक कलाकारों के साथ हाथी, घोड़े, रथ, पालकी, भव्य युद्ध दृश्य, लाइट शो, आतिशबाजी, नृत्य तथा बाबा महाकाल की भस्म आरती की दिव्य झलकियाँ शामिल होंगी। महान सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से राजतिलक तक की गाथा, विक्रम-बेताल की कथाएँ तथा सनातन धर्म के उत्थान की महाकाव्यात्मक कथा इस महानाट्य में जीवंत रूप से प्रस्तुत की जाएगी।

तीन भव्य मंचों के साथ 18 घोड़े, दो रथ, चार ऊँट, एक पालकी और एक हाथी के साथ होने वाला यह जीवंत प्रदर्शन काशी में इतिहास रचेगा। महानाट्य को विराट स्वरूप देने के लिए तीन भव्य मंच तैयार किए गए हैं। केंद्र में 80x62 फीट का मुख्य मंच तथा दोनों ओर 42x42 फीट के लेफ्ट और राइट मंच बनाए गए हैं।

इन मंचों पर सिंहासन बत्तीसी, बेताल पच्चीसी और भविष्य पुराण के प्रसंगों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के अद्वितीय व्यक्तित्व, सुशासन और न्यायप्रियता को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया जाएगा। साथ ही उनके दरबार के नवरत्नों-कालिदास, वराहमिहिर सहित अन्य विद्वानों की विद्वता का भी सजीव चित्रण किया जाएगा।

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