वाराणसी , जून 6 -- वाराणसी नगर निगम शहर में जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस क्रम में मानसून से पहले नाला सफाई के दावों की जमीनी हकीकत जांचने के लिए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं।
गुरुवार को निरीक्षण के दौरान सुंदरपुर, साकेत नगर और संकट मोचन सहित कई इलाकों में मानकों के अनुरूप काम न होने और लापरवाही बरतने पर नगर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित फर्म पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और जिम्मेदार अवर अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
नगर आयुक्त की इस सख्त कार्रवाई से सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदार अभियंताओं में हड़कंप मच गया है। निरीक्षण की शुरुआत सुंदरपुर सब्जी मंडी स्थित पुलिया से हुई, जहां मशीनों के माध्यम से नाला सफाई का कार्य चल रहा था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि काम केवल खानापूर्ति भर है।
सुंदरपुर मछली मंडी के पीछे का नाला पूरी तरह सिल्ट से भरा हुआ था और उसमें झाड़-झंखाड़ तथा पेड़-पौधे उगे हुए थे। नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पूर्व में कई बार स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि नालों की तली-झाड़ सफाई सुनिश्चित की जाए। इसके बावजूद गुणवत्ता से लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है।
इस क्रम में उन्होंने साकेत नगर पुलिया, संकट मोचन पुलिया और गांधीनगर कॉलोनी स्थित नरिया नाले का भी निरीक्षण किया।
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