वाराणसी , मई 29 -- पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच वाराणसी में टैक्सी से सफर करना महंगा हो गया है। वाराणसी टूरिज्म एसोसिएशन ने टैक्सियों के किराए में दो रुपये प्रति किलोमीटर की वृद्धि करने का निर्णय लिया है, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। दुर्गाकुंड स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में एसोसिएशन के पदाधिकारियों और विभिन्न टैक्सी संगठनों के प्रतिनिधियों ने यह फैसला लिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रणय रंजन सिंह ने बताया कि वाराणसी में 25 हजार से अधिक टैक्सियां संचालित होती हैं और लंबे समय से बढ़ती लागत के बावजूद किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी।

नई दरों के अनुसार अब डिजायर टैक्सी 13 रुपये प्रति किलोमीटर, आर्टिगा 16 रुपये, क्रिस्टा 20 रुपये, टेंपो ट्रैवलर 30 रुपये और अर्बनिया 35 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से संचालित होंगी। हालांकि न्यूनतम रनिंग किलोमीटर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लोकल यात्रा के लिए प्रतिदिन 200 किलोमीटर और आउट स्टेशन यात्रा के लिए 250 किलोमीटर की बिलिंग पूर्व की तरह ही लागू रहेगी।

एसोसिएशन ने बताया कि वर्ष 2018 के बाद पहली बार किराए में वृद्धि की गई है। पदाधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, ईंधन कीमतों और वाहन संचालन लागत के कारण यह निर्णय लेना आवश्यक हो गया था।

बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा टैक्सी वाहनों पर लागू किए गए वन-टाइम टैक्स का भी विरोध किया गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ने नई और पुरानी सभी टैक्सियों पर एकमुश्त 15 वर्षों का रोड टैक्स जमा करने का आदेश जारी किया है, जिससे टैक्सी संचालकों की आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं।

उनका कहना था कि तीन-चार वर्ष पुरानी गाड़ियों पर भी एक से दो लाख रुपये तक का टैक्स तत्काल जमा करने की बाध्यता बनाई गई है, जबकि अधिकांश वाहन ईएमआई पर चल रहे हैं। ऐसे में टैक्सी मालिकों पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है। वहीं काशी घूमने आए पर्यटक केशु भाई भोसले ने कहा कि किराया बढ़ने से काशी, अयोध्या, प्रयागराज और मिर्जापुर जैसे धार्मिक पर्यटन स्थलों की यात्रा महंगी हो जाएगी। पर्यटकों को अब यात्रा पर 500 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।

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