वाराणसी , मई 9 -- उत्तर प्रदेश में सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वाराणसी नगर निगम ने चौकाघाट क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 30 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। नगर निगम सूत्रों के अनुसार चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के समीप मुख्य मार्ग पर लगभग 12 बिस्वा बंजर सरकारी भूमि पर कुछ दबंगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया था। कब्जाधारियों ने वहां टीन शेड और अस्थायी दीवारें खड़ी कर रखी थीं। भूमि का उपयोग वाहन खड़े करने और व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के लिए किया जा रहा था।
मामले की शिकायत मिलने पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने भूमि की जांच कराई। जांच में उक्त जमीन के सरकारी बंजर भूमि होने की पुष्टि हुई। इसके बाद नगर आयुक्त ने सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त के आदेश पर सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव और नायब तहसीलदार शेषनाथ के नेतृत्व में नगर निगम का प्रवर्तन दल और अतिक्रमण दस्ता दो जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचा। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही कब्जाधारियों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासनिक सख्ती के चलते उनकी एक नहीं चली। करीब छह घंटे तक चले अभियान में टीन शेड समेत अन्य अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त कर पूरी जमीन को कब्जामुक्त करा लिया गया।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के पास स्थित यह भूमि मुख्य मार्ग पर होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजस्व विभाग के अनुमान के मुताबिक इस क्षेत्र में जमीन की बाजार कीमत करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये प्रति बिस्वा है। इस आधार पर मुक्त कराई गई भूमि का कुल मूल्य लगभग 30 करोड़ रुपये आंका गया है। नगर निगम ने कार्रवाई के बाद भूमि को अपने कब्जे में लेकर भू-माफियाओं के अवैध मंसूबों पर रोक लगा दी है।
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