नयी दिल्ली , जुलाई 20 -- वाईएसआरसीपी सांसद मड्डिला गुरुमूर्ति ने सोमवार को लोकसभा में एक स्थगन प्रस्ताव पेश किया जिसमें आंध्र प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तत्काल चर्चा की मांग की गयी है।
अपने नोटिस में उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में पुलिस की ज्यादतियों, महिलाओं के खिलाफ अपराधों, अनुसूचित जातियों के खिलाफ अत्याचारों, राजनीतिक हिंसा और नागरिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है, जिससे यह मुद्दा तत्काल सार्वजनिक महत्व का बन गया है। सांसद ने पुलिस उत्पीड़न से जुड़ी हालिया मौतों का भी ज़िक्र किया, जिनमें कृष्णा जिले में साईं कृष्णा और एसपीएसआर नेल्लोर जिले में येडुकोंडालु की हिरासत में हुई मौतें शामिल हैं।
उन्होंने कुरनूल में माला गंगम्मा, कृष्णा जिले में क्रांति कुमार और पिडुगुराल्ला के एसके. दरिया हुसैन की मौतों का भी ज़िक्र किया, दरिया हुसैन ने कथित तौर पर पुलिस उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एक 'सुसाइड' नोट छोड़ा था।उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने हिरासत में सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
श्री गुरुमूर्ति ने बताया कि जून 2024 और मार्च 2026 के बीच, आंध्र प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ 209 अपराध दर्ज किए गए, जिनमें दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के 126 मामले, दुष्कर्म की कोशिश के 12 मामले, यौन उत्पीड़न के 35 मामले, शारीरिक हमले के 97 मामले, हत्या या संदिग्ध मौत के 34 मामले और उत्पीड़न से जुड़ी आत्महत्या या आत्महत्या की कोशिश के 15 मामले शामिल हैं।
वाईएसआरसीपी सांसद ने यह भी बताया कि राज्य में अनुसूचित जातियों से जुड़ी 69 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें हत्या, हिरासत में हिंसा, पुलिस की ज्यादती, सामाजिक बहिष्कार, ज़मीन हड़पने, घर तोड़ने और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराधों के आरोप शामिल हैं। उन्होंने राजनीतिक हिंसा की 133 दर्ज घटनाओं का ज़िक्र किया, जिनमें 49 हत्याएं, हत्या की कोशिश के छह मामले, अपहरण के छह मामले, शारीरिक हमले के 58 मामले, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की 10 घटनाएं और राजनीतिक उत्पीड़न के कारण आत्महत्या के चार कथित मामले शामिल हैं।
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