विजयवाड़ा , अगस्त 28 -- युवजन श्रमिक रायथु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) डॉक्टर्स विंग ने पोस्टग्रेजुएट मेडिकल छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए चिकित्सा शिक्षा निदेशक के सर्कुलर को सभी निजी मेडिकल कॉलेजों में भी लागू करने की मांग की है।
वाईएसआरसीपी-एनटीआर जिला डॉक्टर्स विंग के अध्यक्ष प्रो. डॉ. अंबाती नागा राधाकृष्ण यादव ने सवाल उठाया कि जब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के नियम सरकारी और प्राइवेट दोनों मेडिकल कॉलेजों पर समान रूप से लागू होते हैं, तो सुरक्षा उपाय सिर्फ सरकारी संस्थानों तक ही क्यों सीमित रखे गए हैं? उन्होंने पूछा, "अगर सरकारी कॉलेजों में ड्यूटी के बहुत अधिक घंटे और अपर्याप्त आराम पीजी के छात्रों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, तो प्राइवेट कॉलेजों के छात्र इससे कैसे अलग हैं? क्या सरकार एक ही एनएमसी मान्यता प्राप्त पीजी शिक्षा के लिए दो तरह के मानक अपना रही है?"डॉ. यादव ने यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या प्राइवेट कॉलेजों को इसमें शामिल न करना केवल एक चूक है या सरकार जानबूझकर प्राइवेट प्रबंधन पर कड़े नियम लागू करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि पीजी के छात्र, चाहे उनके संस्थान का प्रबंधन कोई भी हो, सुरक्षित काम के घंटे, पर्याप्त आराम, अकादमिक प्रशिक्षण, छुट्टी, लोककल्याणकारी सुविधाएं और शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी प्रणाली पाने के हकदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें केवल मानवशक्ति की कमी को पूरा करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
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