विजयवाड़ा , अक्टूबर 13 -- आंध्रप्रदेश में विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेता और पूर्व सांसद मार्गानी भरत ने राज्य में विशेष पिछड़ा वर्ग (बीसी) आयोग के गठन और तुरंत बीसी जनगणना कराने की मांग की है।
उन्होंने पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए चंद्रबाबू नायडू सरकार से विधानसभा में एक प्रस्ताव पास करने, केंद्र पर संविधान में बदलाव के लिए दबाव डालने और पिछड़े वर्गों के लिए सही प्रतिनिधित्व सुनिश्वित करने की अपील की।
श्री भरत ने मुख्यमंत्री श्री चंद्रबाबू नायडू और नारा लोकेश को बीरू प्रताप रेड्डी के साथ अपने रिश्तों पर सफाई देने की चुनौती दी, जिन्होंने बीसी आरक्षण के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने सवाल किया कि क्या तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) सरकार ने 2014-19 के दौरान सरकारी आदेश के ज़रिए प्रताप रेड्डी को बिजली क्षेत्र की किसी निकाय में नियुक्त किया था और तेदेपा नेताओं के साथ उनकी तस्वीरों के बारे में सफाई मांगी।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के रिकॉर्ड पर रोशनी डालते हुए कहा कि पार्टी ने बीसी को 13 ज़िला परिषद चेयरपर्सन में से छह पद, मंडल परिषद अध्यक्ष के लगभग 67 प्रतिशत पद और 14 निगम में मेयर के नौ पद दिए। उन्होंने सरकारी निगमों में 53 अध्यक्ष पदों, 56 समर्पित बीसी निगमों और कृषि मार्केट कमेटियों में काफी प्रतिनिधत्व का भी ज़िक्र किया।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पार्टी तब तक लड़ती रहेगी जब तक पिछड़े वर्गों को उनका सही राजनीतिक प्रतिनिधित्व , कानूनी सुरक्षा और सामाजिक न्याय नहीं मिल जाता।
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