चेन्नई , जून 27 -- तमिलनाडु में मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के महासचिव वाइको ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के साथ अपना नौ साल पुराना गठबंधन तोड़ते हुए मुख्यमंत्री थलपति विजय की पार्टी टीवीके का समर्थन करने के अपने फैसले को सही ठहराया है।

श्री वाइको ने एमडीएमके की आम परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं को द्रमुक गठबंधन से बाहर निकलने के प्रस्ताव के बारे में बताया। श्री वाइको ने कहा कि श्री विजय ने उनकी पार्टी के दो विधायकों (जो हाल के चुनावों में द्रमुक के चुनाव चिह्न पर जीते थे) को उपचुनावों में फिर से निर्वाचित कराने का वादा किया, फिर भी एमडीएमके ने स्थानीय निकाय चुनावों में टीवीके के साथ दोस्ताना संबंध बनाए रखने और पांच सीटों के लिए होने वाले विधानसभा उपचुनावों में उसका समर्थन करने का फैसला किया है।

उन्होंने पुष्टि की कि सिरकाझी से चुने गए दो विधायकों में से एक श्री सेंथिलसेल्वन ने पार्टी छोड़ दी है और द्रमुक के साथ रहने का फैसला किया है, जबकि कदायनाल्लूर सीट से चुने गए दूसरे विधायक टीएम राजेंद्रन पार्टी के साथ बने हुए हैं। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या वे विधायक पद से इस्तीफा देंगे लेकिन पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया कि ऐसा हो सकता है क्योंकि एमडीएमके ने द्रमुक गठबंधन छोड़ दिया है।

उन्होंने कहा कि एमडीएमके विजय सरकार की गलतियों को उजागर करेगी और अगर सरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन करने का फैसला करती है तो उसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने राज्य में सामाजिक न्याय और द्वि-भाषी फॉर्मूले की रक्षा करने के लिए द्रमुक के दिवंगत दिग्गज नेता सीएन अन्नादुरई के आदर्शों का पालन करने के लिए विजय सरकार की प्रशंसा भी की।

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