चेन्नई , जून 27 -- तमिलनाडु में श्री वाइको की मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) ने शनिवार को विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले 'धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील मोर्चा' से अलग होने के बाद तुरंत कोई नया गठबंधन न करने का फैसला किया।

पार्टी ने कहा कि हालांकि वह मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की 'तमिलगा वेट्री कड़गम' (टीवीके) सरकार का समर्थन करेगी और आगामी उपचुनावों (जिनमें वह खुद चुनाव नहीं लड़ेगी) और स्थानीय निकाय चुनावों में टीवीके के साथ रहेगी।

टीवीके के एक नए आकर्षण केंद्र के रूप में उभरने से द्रमुक के पुराने सहयोगी और अन्नाद्रमुक के विधायक उसकी ओर खिंचे चले आ रहे हैं। ऐसे में एमडीएमके का गठबंधन से अलग होना द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए आखिरी झटका साबित हुआ है।

गौरतलब है कि द्रमुक के साथ नौ साल पुराने गठबंधन को खत्म करने का फैसला चेन्नई में हुई पार्टी की आम परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया, जिसमें 1,400 से अधिक सदस्य शामिल हुए।

एमडीएमके के दो विधायकों में से एक जो द्रमुक के 'उगते सूरज' चुनाव चिह्न पर जीते थे, द्रमुक के साथ ही बने रहने का फैसला किया। इस पर श्री वाइको ने टीवीके पर लगे 'हॉर्स ट्रेडिंग' (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के आरोपों को खारिज करते हुए पूछा, "अगर यह हॉर्स ट्रेडिंग नहीं है, तो क्या यह ऊंटों की खरीद-फरोख्त है।"श्री वाइको ने आम परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, "हम मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की टीवीके सरकार और उनकी पार्टी का आगामी उपचुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों में समर्थन करेंगे, जब भी वे चुनाव होंगे।" उन्होंने कहा, "भ्रष्टाचार सभी बुराइयों की जड़ है और टीवीके सरकार ने भ्रष्टाचार को खत्म किया है और सरकार का समर्थन करने के लिए यही काफी है। पहले हर चीज में भ्रष्टाचार होता था। इसके अलावा विजय सरकार सामाजिक न्याय, आरक्षण और द्रविड़ आइकन सीएन अन्नादुरई (अन्ना) के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध है।" टीवीके की ओर झुकाव का यही कारण है।

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